धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धारूहेड़ा के आसपास हाईवे और सर्विस लेन के किनारे बड़ी संख्या में खड़े ओवरलोड भारी वाहनों से हादसे का डर बना रहता है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रेलर और अन्य भारी वाहन हाईवे से गुजरते हैं। इन वाहनों से यातायात भी प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे और सर्विस रोड के किनारे बड़ी संख्या में भारी वाहन खड़े रहते हैं। इसके चलते सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में अचानक सामने आने वाले वाहन से बचने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है।
धारूहेड़ा बस स्टैंड पर वाहनों के इंतजार में खड़े यात्रियों में सुरेश, अनिल, सुनील और राजेंद्र ने बताया कि हाईवे पर ओवरलोड वाहनों के गुजरने से समस्या पैदा होती है। ओवरलोड वाहन अक्सर लेन बदलने हैं। इस दौरान थोड़ी सी असावधानी से दुर्घटना होने की आशंका रहती है।
हाईवे पर दिनभर भारी वाहनों का दबाव रहता है। ओवरलोड वाहन अक्सर धीमी गति से चलते हैं और कई बार लेन बदलते हैं। इससे पीछे से आने वाले छोटे वाहनों को ओवरटेक करने में परेशानी होती है।
सुबह-शाम यातायात का दबाव अधिक होने के कारण जाम लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में सबसे अधिक परेशान काम और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों के साथ विद्याथियों को होती है।
स्थानीय लोगों ने आरटीओ विभाग और पुलिस प्रशासन से ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। हाईवे और सर्विस रोड के किनारे खड़े भारी वाहनों को हटाने की मांग की है।
वर्जन
नो पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। हाईवे या सर्विस रोड पर वाहनों को खड़ा कर यातायात में बाधा डालने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, प्रभारी, ट्रैफिक पुलिस, धारुहेड़ा।