रेवाड़ी-रोहतक गंगायचा टोल प्लाजा पर फास्टेग व्यवस्था आरंभ होने के बाद अब स्थानीय वाहन चालकों को टोल टैक्स में छूट हासिल करने के लिए एसडीएम के स्वीकृत पत्र की जरूरत होगी। इसके बिना उनको टोल टैक्स में 75 फीसदी की छूट हासिल नहीं होगी।
बता दें कि गंगायचा टोल प्लाजा से रोजाना नौ हजार वाहनों की आवाजाही होती है। जिसमें 30 फीसदी स्थानीय वाहन होते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था से यहां इन स्थानीय वाहन संचालकों के प्रभावित होने का अंदेशा है। अभी तक जारी व्यवस्था में आसपास गांव के लोग राशन कार्ड आदि दिखाकर निशुल्क टोल पार कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
सरपंच से लेकर एसडीएम के काटने पड़ेंगे चक्कर
टोल प्लाजा से मिले आंकड़ों के अनुसार हर रोज 9 हजार वाहनों में से तीन हजार वाहन स्थानीय होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नियमों के तहत 20 किमी. क्षेत्र की परिधि में आने वाले गांव हो या शहर उनके वाहन संचालकों को 75 फीसदी टोल टैक्स की छूट दी जाती है। लेकिन इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। छूट लेने के लिए सर्वप्रथम वाहन संचालक को टोल प्लाजा से एक फार्म लेने होता है। इसके बाद उस फार्म पर सरपंच या वार्ड मेंबर व तहसीलदार से प्रमाणित करवाने के बाद एसडीएम ऑफिस से फार्म पर मुहर लगाई जाती है। तीन चरणों से गुजरने के बाद इस फार्म को टोल प्लाजा पर जमा कराना होता है। तब जाकर वाहन संचालक छूट के दायरे में आते हैं।
फास्टेग व्यवस्था में कुछ खास नया नहीं है। टोल टैक्स प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों से वाहन चालकों को निजात दिलाने के लिए ये व्यवस्था की गई है। गंगायचा टोल प्लाज पर रेवाड़ी से रोहतक जाने के लिए साधरण टोल 75 रुपये है। लेकिन यदि मासिक पास बनवाना है तो उसकी कीमत 265 होती है। पहले की तरह ये व्यवस्था अब भी चलती रहेगी। फास्ट टैग लगवाने के बाद टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की ओर से मासिक पास बना दिया जाएगा।