विधायक चिरंजीव राव के आवास के बाहर पंचायत में भाग लेते किसान।
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रेवाड़ी। जुमला मुस्तरका मालकान शामलात भूमि पर कब्जा दिलाने और कपास व बाजरा फसल का बकाया बीमा कराने आदि मांगों को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रमानुुसार भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने वीरवार को विधायक चिरंजीव राव के आवास पर धरना दिया। इस दौरान विधायक खुद किसानों के धरने पर आकर बैठ गए। इसके धरना पंचायत में तब्दील हो गया। इस मौके पर विधायक ने किसानों की सारी बातों व समस्याओं को ध्यान से सुना। इसके बाद किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की बात कही।
किसानों की समस्याओं को लेकर चढ़ूनी गुट ने सरकार पर हमला बोला। जिला अध्यक्ष समय सिंह ने कहा कि हम विधायक की कोठी के बाहर बैठकर धरना दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि विधायक हमारी मांगों को विधानसभा में जरूर उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने 4 प्रस्ताव पास किए हैं, जिसमें पहला जुमला मुस्तरका मालकान शाहमलात भूमि पर कब्जा दिलाने और दूसरा कपास व बाजरा फसल का बकाया बीमा कराने के अलावा क्षेत्र में जमीनों पर लगने वाले खंभों के पैसे लेना और गुरुग्राम के खलियावास में 7 एकड़ जमीन जमीन का मुआवजा दिलाना शामिल है। उन्होंने कहा कि अब किसान जाग चुके हैं और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर किसान नेता डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि शुक्रवार को बावल में मंत्री डॉ. बनवारी लाल के घर के बाहर धरना दिया जाएगा। हमारी सबसे बड़ी मांग किसानों की जमीन अधिग्रहण करने पर उचित मुआवजा दिलाने की है। कृषि कानून जरूर वापस लिए जाए, लेकिन आज तक एमएसपी पर कानूनी गारंटी नहीं दी। सरकार खेती को खत्म करना चाहती है। सबका निजीकरण किया जा रहा है। सरकार भरी सभा में झूठ बोलने का काम कर रही है। यह जुमलेबाजों की सरकार है। हम हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
विधायक चिरंजीव ने कहा कि 2 साल पहले भी देशभर में किसानों ने रोड पर आकर प्रदर्शन किया था, लेकिन आज फिर किसान सड़क पर हैं। क्योंकि सरकार किसानों से किए वायदे पूरे नहीं कर रही। आज से पहले हमने कभी किसानों की ऐसी हालत नहीं देखी। मेरा किसानों को पूरा समर्थन है। साथ ही किसानों को भाजपा के सांसद को भी जगाना चाहिए। किसानों की आय दोगुना करने वाली भाजपा सरकार किसानों को सड़क पर लाने के लिए मजबूर कर रही है।