संवाद न्यूज एजेंसी
कुंड। खोल खंड में क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने से किसान ओलावृष्टि से नष्ट फसल का विवरण नहीं दर्ज कर पा रहे हैं। इसको लेकर परेशान किसानों ने रोष जताया है। चेतावनी दी है कि अगर पोर्टल नहीं खुला तो डीसी कार्यालय के सामने वे धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
खोल खंड के गांवों में 28 फरवरी को तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, जो, चना समेत सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। ओलावृष्टि से पहले फसल अच्छी पक कर तैयार हो रही चुकी थी। ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांव अहरोद, ढ़ाणी शोभा, बासदूदा, कोलाणा, नांगल जमालपुर, ढ़ाणी राधा, खोल आदि गांवों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई थी। ओलावृष्टि के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के गांव कोलाना, बासदुदा व नांगल जमालपुर का क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुला है।
क्षेत्र मेें स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के अलावा तहसीलदार व कृषि अधिकारी खेतों का दौरा कर नुकसान का जायजा ले चुके हैं। उन्होंने अपने निरीक्षण के दौरान भारी नुकसान का आकलन किया था। बासदुदा के किसानों ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के रिटायर्ड डायरेक्टर एचडी यादव के नेतृत्व क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने पर अपना रोष प्रकट किया है। उन्होंने चेतावनी दी हे कि अगर जल्द पोर्टल नहीं खुला तो जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर किसान राजेंद्र, सुनील कुमार, हंसराज, अनिल कुमार, धर्मबीर, बाबूलाल, रविदत्त, वेदप्रकाश सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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जिन गांव को पोर्टल नहीं खुला है। उनकी लिस्ट क्षेत्र वाइज तहसीलदार से मांगी गई है। उन्हें भेजकर चालू करा दिया जाएगा। जिससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।-प्रदीप देसवाल, जिला खजाना अधिकारी