किसानों से बातचीत करते लोक सेवा मंच के पदाधिकारी। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। एमएसपी दर पर सरकारी खरीद शुरू होने में हो रही देरी के कारण बाजरा उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसानों ने कहा कि अनाज मंडी में एमएसपी से नीचे बोली लगने के कारण उन्हें मजबूरी में कम भाव पर बाजरा बेचना पड़ रहा है। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने रविवार को मंडी में किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
मंडी में धरने पर बैठे किसानों ने सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान के समक्ष बाजरा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू करने की मांग रखी। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भावांतर योजना के तहत बाजरा बेचने का अनुभव संतोषजनक नहीं रहा। कई किसानों को एमएसपी के बराबर भाव नहीं मिल पाया और भावांतर राशि के भुगतान में भी देरी हुई।
लोक सेवा मंच के अशोक प्रधान ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलने से उन्हें रबी फसलों की जोताई-बिजाई और घरेलू खर्चों का प्रबंध करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से बाजरा की एमएसपी पर खरीद शुरू करने के साथ किसानों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज और पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
किसानों ने मंडी में साफ-सफाई, पीने के पानी और स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। मंच की कोर समिति ने समस्याओं के समाधान तक जनसंपर्क अभियान जारी रखने की बात कही।