संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गांव गिंदोखर में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से उप निदेशक कृषि (डीडीए) डॉ. जितेंद्र अहलावत की अध्यक्षता में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। केवीके बावल के समन्वयक डॉ. बलबीर सिंह, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्रिल्ला ने विषय विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। डॉ. विजय ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक के संतुलित उपयोग की सलाह दी। कहा कि मृदा हेल्थ कार्ड के अनुसार खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करने से भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
गोष्ठी के दौरान एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रदर्शन किया गया। किसानों को हरी खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की सेहत सुधारने के उपाय बताए गए। वहीं डॉ. बलबीर सिंह ने नीमास्त्र, अग्न्यास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक कीटनाशकों को तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया।