रेवाड़ी। प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले छह किसानों में रेवाड़ी के गांव कंवाली के प्रगतिशील किसान यशपाल खोला (33) भी शामिल हैं। उनको राष्ट्रपति भवन की ओर से भेजा गया आधिकारिक निमंत्रण पत्र मिला है।
यशपाल खोला 25 जनवरी को अपनी पत्नी अनीता कुमारी के साथ दिल्ली रवाना होंगे और 28 जनवरी को लौटेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनको आईसीएआर दिल्ली तक खुद जाना होगा। वहां से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाने और वहां रहने की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी।
26 जनवरी को परेड के दौरान राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगी। सम्मानित होने वाले किसान 27 जनवरी को राष्ट्रपति भवन मेें एट होम पार्टी में शामिल होंगे। इसी दिन उनका एक टूर भी रखा गया है।
राष्ट्रपति भवन की तरफ से यशपाल को भेजा गया निमंत्रण पत्र डाक कर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें सौंपा। निमंत्रण पत्र सौंपने वालों में सहायक अधीक्षक डाकघर उपमंडल चरणजीत यादव, पोस्टमैन सोनू यादव, हनुमान, गोविंद (सहायक डाकपाल, डहिना उप डाकघर) तथा पोस्टमास्टर रामेहर शर्मा शामिल रहे।
यशपाल के साथ जुड़े हैं 2500 से अधिक किसान
यशपाल ने न सिर्फ खुद प्राकृतिक खेती की बल्कि एक बड़े रकबे को प्राकृतिक खेती में बदलने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न कृषि संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया। साल 2018 में यशपाल के पिता विजय पाल की कैंसर से निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह प्राकृतिक खेती को अपना लिया था। उन्होंने प्राकृतिक खेती की शुरूआत साल 2014 में की। आज उनके साथ 2500 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। यशपाल खोला ने प्राकृतिक उत्पादों की रिटेल मार्केटिंग का मॉडल विकसित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और उपभोक्ताओं तक शुद्ध, सुरक्षित खाद्यान्न पहुंच रहा है। उनका यह मॉडल आज कई किसानों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहा है।
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यशपाल मिल चुका है किसान रत्न पुरस्कार
यशपाल खोला अरावली किसान क्लब के प्रधान हैं। उन्होंने स्नातक एवं एचएयू से दो साल का डिप्लोमा किया है। वह प्राकृतिक तरीके से गेहूं, सब्जी और फल की पैदावार और उसकी मार्केटिंग करते हैं। यशपाल के परिवार में पत्नी अनीता के अलावा बेटी फलक राव, बेटा आरव और मां सुशीला देवी हैं। 24 दिसंबर 2024 को किसान दिवस पर चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार की ओर से उनको किसान रत्न पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया था। उनको ये पुरस्कार प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया था।
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राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना गर्व की बात : यशपाल
यशपाल खोला ने बताया कि तीन दिन राष्ट्रपति भवन में रहने का सम्मान उत्साहवर्धक है। इससे न केवल मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी बल्कि दूसरे किसान भी प्राकृतिक खेती की तरफ आने को उत्साहित होंगे। राष्ट्रपति भवन की ओर से निमंत्रण मिलना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा में एक एग्रो फार्म खोला हुआ है। दूर-दूर से लोग यहां पर आते हैं। कई बार विदेशी भी यहां प्राकृतिक खेती के तरीकों को समझने के लिए आते हैं। आगे कहा कि वह अब बड़ी संख्या में किसानों को अपने साथ जोड़ेंगे ताकि किसान प्राकृतिक खेती से अपनी आय बढ़ा सकें।