रेवाड़ी। गांव धवाना में सूबेदार नंद किशोर के शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सत्यवीर यादव रहे। इस दौरान 4 कुमाऊं के शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया।
जाटूसाना स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 29वीं बटालियन की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। जवानों ने सैन्य परंपरा के अनुसार शहीदों को सलामी दी और बिगुल वादन किया। एनसीसी कैडेटों ने स्मारक के सामने मार्च कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
विवेकानंद स्कूल, डहीना के विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। सूबेदार नंद किशोर के पुत्रों, पूर्व सैनिक होशियार सिंह और महेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन के संयोजक मेजर (डॉ.) टीसी राव द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक में 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की प्रमुख घटनाओं के साथ 4 कुमाऊं के योगदान और सूबेदार नंद किशोर यादव, वीर चक्र की वीरता तथा बलिदान का उल्लेख किया गया है।
डॉ. टीसी राव ने अपने संबोधन में युद्ध के दौरान सूबेदार नंद किशोर के अदम्य साहस और बटालियन की गौरवशाली सैन्य परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1965 के युद्ध में उनके परिवार के आठ सदस्यों ने भाग लिया था। वर्ष 1971 के युद्ध में भी परिवार के आठ सदस्य शामिल हुए थे।
डॉ. राव ने बताया कि डहीना से कुंड तक जाने वाली सड़क का नाम सूबेदार नंद किशोर, वीर चक्र के नाम पर रखने का प्रस्ताव हरियाणा सरकार के पास लंबित है। उन्होंने सरकार से इस पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सत्यवीर यादव ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवाकाल के बाद उन्हें स्वास्थ्य, परिवार और जीवन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने की सलाह दी। ब्रिगेडियर आरके सिंह ने भी विचार रखे।
इस अवसर पर 1962 के भारत-चीन युद्ध की रेजांगला लड़ाई में बलिदान देने वाले लांस नायक सिंह राम, वीर चक्र और सिपाही राम कुमार को भी श्रद्धांजलि दी गई।