मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाते एचकेआरएनएल कर्मचारी। स्रोत : संघ
रेवाड़ी। नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ के बैनर तले इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के साथ ही राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत एचकेआरएनएल के अनुबंधित कर्मचारियों ने हरियाणा संविदा कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम-2024 के दायरे में शामिल किए जाने की मांग की है।
कर्मचारियों ने कुलाधिपति के नाम कुलसचिव के माध्यम से और जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने कहा कि वे कई वर्षों से विश्वविद्यालयों में सेवा दे रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा विभागों, बोर्डों, निगमों और प्राधिकरणों के कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय सराहनीय है लेकिन विश्वविद्यालयों के एचकेआरएनएल कर्मचारियों को इससे बाहर रखना अन्यायपूर्ण है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालयों में कार्यरत सभी एचकेआरएनएल कर्मचारी चाहे उनकी सेवा अवधि 0 से 5 वर्ष हो या उससे अधिक, उन्हें सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 के तहत शामिल किया जाए और संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा कर्मचारियों ने सेवा अनुभव में गलतियों का मुद्दा उठाया है और अनुभव सत्यापन कर वास्तविक ज्वाइनिंग तिथि के अनुसार सुधार की मांग की है ताकि उन्हें अनुभव के आधार पर वेतन लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों ने ईएसआई कटने वाले कर्मचारियों को चिरायु कार्ड जारी करने, विश्वविद्यालयों में डिस्पेंसरी खोलकर मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने, और एचकेआरएनएल पोर्टल से हटाए गए कर्मचारियों के नाम पुनः जोड़कर तीन माह का बकाया वेतन दिलाने की भी मांग रखी है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से अपील की है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाए ताकि अनुबंधित कर्मचारियों को उनके अधिकार और वेतन लाभ समय पर मिल सके।