रेवाड़ी। नगर परिषद चेयरमैन की सीट एससी महिला आरक्षित होने के बाद चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद के 32 वार्डों और धारूहेड़ा नगर पालिका के 18 वार्डों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले रेवाड़ी में 31 और धारूहेड़ा में 17 वार्ड थे। रेवाडी और धारूहेड़ा में एक-एक वार्ड बढ़ाया गया है।
इस बार वार्डबंदी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार मिले आबादी के आंकड़ों के आधार पर की गई है। रेवाड़ी नगर परिषद की कुल जनसंख्या 1,62,781 है। इनमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 30407, पिछड़ा वर्ग-ए की 42421 और पिछड़ा वर्ग-बी की 26262 है।
अलग से जिला बनने के बाद वर्ष 1994 में रेवाड़ी को नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए। चुनाव की घोषणा के समय 22 वार्ड पर चुनाव होने की घोषणा की गई लेकिन बाद में 24 वार्ड के चुनाव कराए गए थे। 30 सालों में 8 वार्ड बढ़े हैं।
ब्रिटिश हुकूमत में रेवाड़ी में नगर पालिका थी। पूर्व विधायक रघु यादव ने वर्ष 1987 में राव तुलाराम पार्क में आयोजित जनसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल के समक्ष रेवाड़ी को अलग जिला बनाने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर एक नवंबर 1989 को रेवाड़ी को नया जिला घोषित किया था।
-
इस अधिनियम के तहत की गई वार्डबंदी की प्रक्रिया
हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 की धारा 10(8) और नगर पालिका वार्ड परिसीमन नियम 1977 के प्रावधानों के तहत वार्ड बंदी की प्रक्रिया की गई। इसके साथ ही 2013 और 2017 में जारी की गई पुरानी अधिसूचनाओं को निरस्त कर दिया गया है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीटों का निर्धारण हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम 2021 के अंतर्गत बने पारिवारिक सूचना डेटा में दर्ज जनसंख्या के आंकड़ों या संबंधित नगर परिषद या पालिका क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं की संख्या के 140 प्रतिशत में से जो भी अधिक हो, उसके आधार पर किया गया है। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया है कि वास्तविक जनसंख्या के अनुसार ही आरक्षण तय हो सके।