संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। निजी अस्पताल में आई किडनी की बीमारी से पीड़ित एक 60 वर्षीय महिला कोरोना पॉजीटिव पाई गई हैं। उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। महिला के संपर्क में रहे परिजनों की भी आरटीपीसीआर जांच हुई जिसमें सभी निगेटिव मिले। जिले में पहला कोरोना केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए हैं।
जिले के गांव मुंडिया खेड़ा निवासी 60 वर्षीय महिला 1 जून को शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में किडनी समस्या के चलते आई थीं। यहां पर उसका कोविड टेस्ट किया गया था जिसकी जांच रिपोर्ट बुधवार को आई। रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजीटिव पाई गईं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि महिला को आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। महिला के संपर्क में आए परिजनों की बुधवार को ही सिविल अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच की गई। रिपोर्ट में सभी लोग नेगेटिव मिले हैं।
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेवाड़ी सिविल अस्पताल में की नई बिल्डिंग के बाहर कमरा नंबर-99 में सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। अभी मेडिसिन ओपीडी में संदिग्ध मरीजों के आरटीपीसीआर व रैपिड जांच की जा रही है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 आरटीपीसीआर और रैपिड जांच की जा रही है। जिनमें खांसी-जुकाम और बुखार साथ अन्य लक्षण मिलते हैं, उनकी जांच कराई जाती है। जांच रिपोर्ट अगले दिन ही मिलती है। अभी तक 108 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव मिली है।
अस्पताल में 5 बेड का विशेष वार्ड बना
स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी के कोविड नोडल अधिकारी डाॅ. भंवर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से एक्टिव है। सामान्य अस्पताल में 5 बेड का कोविड स्पेशल वार्ड बना दिया गया है। कोविड सैंपलिंग के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। फ्लू कॉर्नर भी बनाया गया है, जिससे बुखार वाले मरीज दूसरे मरीजों के संपर्क में न आएं। मरीजों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। हमें मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और नियमित रूप से हाथ धोने जैसे प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।
वर्जन
कोरोना से बचने के लिए सतर्कता बरतनी जरूरी है। बार-बार हाथ धोना चाहिए। मास्क का इस्तेमाल करने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए। घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना के लक्षण मिलने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। -डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी