संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दो सप्ताह पहले रोडवेज को मिलीं 10 नई एसी (वातानुकूलित) बसें अभी सड़कों पर नहीं उतारी जा सकी हैं। अभी तक इन एसी बसों के दस्तावेज पूरे नहीं किए जा सके हैं। आरटीए ने बसों की पासिंग प्रक्रिया भी पूरी नहीं की है।
पासिंग प्रक्रिया के तहत नई बसों के सुरक्षा मानकों की नियमानुसार जांच होती है। जबतक कानूनी रूप से नई बसें सड़क पर चलने के लिए तैयार नहीं होती हैं, तबतक वे सड़कों पर नहीं उतारी जा सकती हैं।
रोडवेज की नई एसी बसों को सड़कों पर उतारने के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य नियामक अनुमतियों समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत होती है लेकिन अभीतक दस्तावेज पूरे नहीं किए जा सके हैं।
इसका अधिकारियों का दावा है कि इन नई बसों की बीमा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बीमा संबंधी कागजात आरटीए में जमा जमा भी करा दिए गए हैं, लेकिन अभी आरटीए की ओर से पासिंग जारी नहीं की गई है।
दस नई वातानुकूलित बसें मिलने के बाद रेवाड़ी डिपो के बेड़े में बसों की संख्या 151 से बढ़कर 161 हो गई हैं। रेवाड़ी डिपो के लिए कुल 177 बसों का बेड़ा निर्धारित है। इसके अनुसार अभी 16 बसों की कमी है।
बसों की कमी के चलते ग्रामीण और शहरी रूट पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डिपो को अभी और बसों की सख्त जरूरत है।
चंडीगढ़, हरिद्वार, दिल्ली और जयपुर रूट पर चलाई जाएंगी एसी बसें
वातानुकूलित बसें मुख्य रूप से चंडीगढ़, हरिद्वार, दिल्ली और जयपुर रूट पर चलाई जाएंगी। इन एसी बसों के चलने से यात्रियों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। बसों के अंदर ठंडी हवा के साथ सफर करना बेहद आरामदायक होगा, जिससे यात्रा का अनुभव सुखद बन जाएगा। लंबे रूट की कई बसे हटाकर लोकल रूट पर चलाई जाएंगी, ताकि लोकल को अधिक लाभ मिल सके। वहीं, कई बसें महेंद्रगढ़, नारनौल रूट पर बढ़ाई जा सकती हैं। एसी बसों में इमरजेंसी बटन है। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों के इमरजेंसी बटन दबाते ही बस तुरंत रुक रूक जाएगी। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग की सुविधा दी गई है।
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वर्जन
लंगी दूरी के रूट पर एसी बसों को उतारने के लिए कागजी प्रक्रिया अभी चल रही है। यह कार्य जल्द ही पूरा होगा। इसके बाद अनुमति लेकर एसी बसों का संचालन शुरू करवा दिया जाएगा।-प्रदीप, महाप्रबंधक रोडवेज।