मुख्य बाजार में बर्तन की दुकान पर खरीदारी करते लोग। संवाद
रेवाड़ी। धनतेरस और दिवाली पर्व को लेकर शहर के बर्तन बाजार में तेजी आ रही है। आने वाले दिनों में मांग को देखते हुए व्यापारी स्टॉक पूरा कर चुके हैं। स्थानीय बर्तन व्यापारियों का मानना है कि इस बार बर्तन कारोबार पिछले साल की अपेक्षा अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
ऐसे में जिले में दिवाली और धनतेरस को लेकर स्थानीय बर्तन व्यापारी अच्छी बिक्री की आस लगाए बैठे हैं। त्योहार के नजदीक आते ही दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। पर्व के अवसर पर लोग अपने घरों में नया बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं। रविवार को लोग बर्तन की दुकान पर खरीदारी करने के लिए पहुंचे। अधिकतर लोग इस अवसर पर तांबे, पीतल, कांसे व स्टील के बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं।
जिले के बर्तन व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी ने मार्केट की सभी दुकानों पर विपरीत असर डाला है। अधिकतर लोग क्वालिटी नहीं कम दाम देखकर ऑनलाइन बर्तन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, कई लोग ऐसे होते हैं जो दुकान पर आकर बर्तन खरीदना पसंद करते हैं। कई बार ऑनलाइन सप्लाई किया गया बर्तन लोगों को पसंद नहीं आता है। इस कारण दुकान में जाकर ग्राहक खरीद कर रहा है।
बर्तन व्यापारी ब्रिजेश ने बताया कि बाजार में लोगाें का आवागमन शुरू हो गया है। धनतेरस और छोटी दिवाली पर अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। पर्व पर लोग पुराने बर्तनों को बदलवा कर नए बर्तन अधिक खरीदते हैं। शहर का व्यापार ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े किसानों पर भी निर्भर रहता है। बर्तन व्यापारी जयपाल ने बताया कि रविवार को अच्छी बिक्री हुई है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छा कारोबार होगा।
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प्लास्टिक से बने बर्तनों की खरीदारी कम
आजकल लोग पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए प्लास्टिक से बने बर्तनों की खरीदारी कम ही कर रहे हैं। ऐसे में अधिकांश लोग पीतल, तांबा व कांसे के बर्तन खरीदना पसंद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पीतल व तांबे की धातु से बर्तनों में भोजन ग्रहण करना स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। रेवाड़ी को पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां के बने पीतल के बर्तन काफी बेहतर होते हैं। जिले में करीब 150 बर्तन व्यापारी हैं। करीब 2 करोड़ का बर्तन का कारोबार होता है।