बाल भवन में पौधरोपण करते संगठन के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
रेवाड़ी। विश्व पर्यावरण दिवस पर बाल भवन में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन, एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया और रेवाड़ी ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी ने संयुक्त रूप से हरित रेवाड़ी का संदेश दिया।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रकृति का विषय नहीं बल्कि मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और स्वस्थ जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी होगी।
इस दौरान पौधरोपण के साथ-साथ पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र और दानापात्र भी स्थापित किए। लोगों से अपील की गई कि वे पक्षियों के लिए निर्धारित स्थानों पर ही दाना डालें ताकि स्वच्छता बनी रहे। कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कपड़े के पर्यावरण-अनुकूल थैलों का वितरण भी किया गया।
डॉ. पूनम यादव ने कहा कि प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण और पशुओं दोनों के लिए नुकसानदायक हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।