सेक्टर-5 स्थित जीएलएस केमिकल फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दो मानव कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने दोनों कंकालों का पोस्टमार्टम कराकर डीएनए सैंपल जांच के लिए मधुबन भेज दिए हैं।
पुलिस के अनुसार डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये अवशेष फैक्टरी हादसे के बाद से लापता चल रहे कर्मचारियों धर्मेंद्र और सत्येंद्र के हैं या नहीं। फिलहाल दोनों परिवारों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि 19 मई को फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भयावह थी कि कई दिनों तक धुआं और लपटें उठती रहीं। दमकल विभाग की टीमों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। हादसे के बाद फैक्टरी में काम करने वाले दो कर्मचारी धर्मेंद्र और सत्येंद्र लापता हो गए थे।
इसके बाद प्रशासन, पुलिस और राहत टीमों ने लगातार पांच दिन तक सर्च अभियान चलाया और फैक्टरी परिसर से मलबा हटाने का कार्य किया। इसी दौरान दो मानव कंकाल मिलने से मामले ने नया मोड़ ले लिया।
कंकाल मिलने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवारों को आशंका है कि ये अवशेष उनके अपने हो सकते हैं, लेकिन डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों की बढ़ी चिंता
धर्मेंद्र की बहन शोभा ने बताया कि परिवार पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में है। हर दिन उम्मीद और आशंका के बीच बीत रहा था। अब कंकाल मिलने के बाद उनकी बेचैनी और बढ़ गई है। परिजन अब सिर्फ सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं कि उनके अपने सुरक्षित हैं या नहीं।
वर्जन
पुलिस ने दोनों कंकालों के सैंपल लेकर मधुबन स्थित फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मृतकों की पहचान की पुष्टि हो सकेगी। जहां तक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का सवाल है, अभी जांच की जा रही है।
फूल कुमार, प्रभारी, बवाल थाना