जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग डेंगू से बचाव के लिए सजग एवं सतर्क है। उन्होंने कहा कि डेंगू के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से गंभीर एवं प्रयासरत है फिर भी आमजन की सतर्कता बेहद जरूरी है। यह बात डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कही।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में ब्रीडिंग चेकर, फील्ड वर्कर द्वारा घर-घर जाकर डेंगू उन्मूलन संबंधी मच्छर के लार्वा की ब्रीडिंग की जांच की जाएं। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलेरिया उन्मूलन की सभी टीम ठहरे हुए पानी में काला तेल व टेमिफोस की दवाई का छिड़काव करें, जिससे मच्छर का लार्वा खत्म हो सके और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की उत्पत्ति पर पूर्ण रूप से रोक लग सके। उन्होंने जिले वासियों आह्वान किया कि वे स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। एक जगह पर पानी को इकट्ठा न होने दें। उन्होंने बताया कि मच्छर ठहरे (एकत्रित) हुए पानी मे अंडे देते हैं जिससे डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है।
उन्होंने कहा कि सभी लोग सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाएं, इस दिन घर के सभी कूलर व टंकियों को अच्छी तरह से साफ कर लें, फ्रिज की ट्रे का पानी जो बिजली जाने के बाद फ्रिज की बर्फ के पिघलने से ट्रे में एकत्रित होता है, उसे जरूर साफ करें, क्योंकि फ्रिज की ट्रे के साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले एडिज मच्छर की उत्पत्ति होती है। घर में प्रयोग किए जा रहे एसी के पानी को एकत्रित न होने दें, एसी के साफ एकत्रित पानी में भी डेंगू फैलाने वाले मच्छर पैदा होते हैं जिस पानी को निकालना संभव न हो उसमें काला तेल या डीजल डाल सकते हैं जिससे मच्छरों की उत्पत्ति न होने पाए।
चिकित्सक की सलाह से ही लें दवा
उप सिविल सर्जन डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि लोगों को डेंगू के प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचाव के उपाय अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता जन सहभागिता से कार्य कर रहे हैं। अचानक सिर में तेज दर्द, बुखार, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, उल्टी आना, त्वचा पर चकते उभरना आदि डेंगू के लक्षण हैं। यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण हों, तो वह अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या नागरिक अस्पताल में उपचार करवाएं और चिकित्सक की सलाह से ही दवा ले।
सामान्य बुखार, टाइफाइड तथा मलेरिया होने पर भी प्लेटलेट्स घट सकते हैं। प्लेटलेट्स कम होने का कारण सिर्फ डेंगू ही नहीं है। डेंगू या अन्य किसी बीमारी के मामले में घबराने की जरूरत नहीं है। जागरूक होकर इलाज कराने की जरूरत है। बुखार का सही तरीके से इलाज कराएं, डेंगू की जांच करा लेनी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो जाए। - डॉ. विजय प्रकाश उप सिविल सर्जन, रेवाड़ी।