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Rewari News: बिजली चोरी मामले में डीएचबीवीएन की अपील मंजूर, निचली अदालत का फैसला रद्द

Wed, 26 Aug 2026 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। बिजली चोरी के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास गुप्ता की अदालत ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का सात फरवरी 2025 का फैसला रद्द कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी से जुड़े मामले की सुनवाई का अधिकार सिविल कोर्ट के पास नहीं है।इसके साथ ही पूर्वांचल सेवा समिति की ओर से दायर मुकदमा क्षेत्राधिकार के आधार पर खारिज कर दिया गया।
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मामला सितंबर 2019 का है। डीएचबीवीएन की जांच टीम ने 25 सितंबर 2019 को परिसर की जांच की थी। विभाग के अनुसार मौके पर पूर्वांचल सेवा समिति के नाम कोई बिजली कनेक्शन नहीं था। एलटी लाइन से करीब 15 मीटर लंबी 2/सी ब्लैक पीवीसी केबल के जरिए सीधे बिजली आपूर्ति ली जा रही थी।
जांच में 2.16 किलोवाट का लोड जुड़ा मिला। विभाग ने इसे बिजली चोरी मानते हुए एलएल-1 रिपोर्ट तैयार की। इसके आधार पर 27 सितंबर 2019 को 33,250 रुपये की चोरी आकलन राशि और छह हजार रुपये कंपाउंडिंग राशि का मेमो जारी किया गया।
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समिति ने मेमो को गलत और अवैध बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसके नाम कोई बिजली कनेक्शन नहीं है और मंदिर परिसर में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा से भी उसका कोई संबंध नहीं है। निचली अदालत ने समिति के पक्ष में फैसला दिया था।

एफआईआर को माना अहम
एडीजे अदालत ने पाया कि मामले में दो अक्तूबर 2019 को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। बिजली अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर रोक है। अदालत ने डीएचबीवीएन की अपील मंजूर कर निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया। हालांकि, समिति को कानून के अनुसार उचित मंच पर राहत लेने की स्वतंत्रता दी गई है।
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