रेवाड़ी। सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए विद्यार्थियों की संख्या दर्ज करने में होने वाली गड़बड़ी पर अब डिजिटल निगरानी रहेगी। शिक्षा निदेशालय ने पीएम पोषण योजना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की तीन स्तर पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
पहली से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों की उपस्थिति स्कूल रजिस्टर, पीएम पोषण एप और एमआईएस पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। तीनों रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर विद्यालय मुखिया की जवाबदेही तय की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत कक्षा अध्यापक प्रतिदिन विद्यार्थियों की हाजिरी लेंगे और उपस्थित बच्चों की संख्या मिड-डे-मील प्रभारी को उपलब्ध कराएंगे।
अध्यापक के हस्ताक्षर के बाद प्रभारी रजिस्टर में कक्षा के अनुसार कुल उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या दर्ज करेगा। इसके बाद विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पीएम पोषण एप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपडेट की जाएगी। वहीं, एमआईएस पोर्टल पर प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
विभागीय स्तर पर पीएम पोषण एप पर प्रतिदिन अपडेट होने वाली विद्यार्थियों की संख्या की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। स्कूल रजिस्टर, पीएम पोषण एप और एमआईएस पोर्टल के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाएगा।
रिकॉर्ड में अंतर मिला तो होगी जांच
तीनों रिकॉर्ड में विद्यार्थियों की संख्या में अंतर मिलने पर संबंधित विद्यालय से जानकारी ली जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। विभाग का मानना है कि तीन स्तर पर रिकॉर्ड दर्ज होने से पीएम पोषण योजना के तहत वास्तविक रूप से उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या का सत्यापन किया जा सकेगा। मिड-डे-मील के लिए विद्यार्थियों की संख्या में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय मुखिया को भी रिकॉर्ड की निगरानी करनी होगी। उपस्थिति दर्ज करने से लेकर पीएम पोषण एप पर संख्या अपडेट करने तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
वर्जन :
मिड-डे-मील व्यवस्था की निगरानी के लिए बीईओ अपने ब्लॉक में प्रतिदिन रैंडम आधार पर कम से कम पांच स्कूलों के हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर जांच करेंगे। इसी तरह डिप्टी डीईओ भी रोजाना पांच स्कूलों का चयन कर रिकॉर्ड की जांच करेंगे। रजिस्टर की प्रति पर विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।-अली अहमद, जिला प्रभारी मिड-डे मील, रेवाड़ी।