रेवाड़ी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(डीएफसीसीआईएल) के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू दादरी से न्यू डाबला तक निरीक्षण किया। उन्होंने माल परिवहन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता सुधारने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
निरीक्षण की शुरुआत न्यू दादरी से हुई जहां एमडी ने आरओबी-191एच और आईएमडी बिल्डिंग का जायजा लिया। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर जल्द संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया।
इसके बाद उन्होंने रेल कार के माध्यम से न्यू दादरी-न्यू रेवाड़ी सेक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न बिजनेस डेवलपमेंट पहल की समीक्षा की गई। कॉरिडोर के बेहतर उपयोग और फ्रेट ट्रैफिक बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
न्यू रेवाड़ी में प्रवीण कुमार ने ट्रक्स ऑन ट्रेन (टीओटी) सेवा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एफएमपी वैगनों की संशोधित रैक के परिचालन का शुभारंभ किया। डिज़ाइन किए गए इन लो-फ्लोर वैगनों की फ्लोर ऊंचाई 975 मिलीमीटर रखी गई है जिससे वाणिज्यिक और रक्षा क्षेत्र के वाहनों का परिवहन बिना ओडीसी श्रेणी में आए संभव हो सकेगा।
60 टन तक वहन क्षमता वाले ये वैगन रेल आधारित माल परिवहन को अधिक सक्षम और किफायती बनाएंगे।
नई लोडिंग और सिक्योरिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की
एमडी ने रैक के लिए विकसित नई लोडिंग और सिक्योरिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की। उद्योग जगत से मिले सुझावों के आधार पर डीएफसीसीआईएल ने आरडीएसओ के सहयोग से सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल लैशिंग सिस्टम विकसित किया है। इसमें वाहन के वजन के अनुसार अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई है।
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सोलर पावर परियोजना का शिलान्यास किया
दौरे के दौरान न्यू रेवाड़ी स्टेशन पर रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (रेस्को) मॉडल के तहत विकसित होने वाली सोलर पावर परियोजना का शिलान्यास भी किया गया। वहीं न्यू अटेली में स्व-वित्तपोषित कैपेक्स मॉडल आधारित सोलर पावर परियोजना का उद्घाटन किया गया।