धारूहेड़ा। औद्योगिक नगरी धारूहेड़ा के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल भगत सिंह चौक पर सुबह और शाम के समय लगने वाला भारी जाम आमजन के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। ट्रैफिक लाइट व्यवस्था लागू होने के बावजूद यातायात सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नंदरामपुर बास रोड से होकर खुशखेड़ा, टपूकड़ा, बूढ़ी बावल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसी चौक से होकर गुजरते हैं। वहीं भिवाड़ी-तिजारा मार्ग पर टोल टैक्स होने के कारण कई ट्रक चालक टोल से बचने के लिए धारूहेड़ा के इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे चौक पर यातायात दबाव और अधिक बढ़ जाता है और जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की दिल्ली दिशा से आने वाले वाहनों तथा नंदरामपुर बास रोड की ओर जाने वाले ट्रैफिक का दबाव अन्य दिशाओं की तुलना में अधिक रहता है, लेकिन सभी दिशाओं को लगभग समान सिग्नल समय मिलने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रैफिक लोड के अनुसार सिग्नल टाइमिंग को वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्धारित किया जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
इसके अलावा, कई वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए लाल बत्ती होने के बावजूद चौराहा पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। कैमरा आधारित ऑनलाइन चालान व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू न होने के कारण नियम उल्लंघन पर अंकुश भी नहीं लग पा रहा है।