इलाज करवाने के लिए ओपीडी कक्ष के बाहर खड़े मरीज। संवाद
रेवाड़ी। सिविल अस्पताल में पिछले छह माह से दांतों के एक्स-रे नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण अटेंडेंट और एक्स-रे ऑपरेटर का न होना है। हर दिन डेंटल ओपीडी में करीब 80 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं जिनमें से 5 से 7 मरीजों को आरसीटी (रूट कैनाल ट्रीटमेंट) या अन्य दंत रोगों के लिए एक्स-रे की जरूरत होती है।
एक्स-रे सुविधा बंद होने के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों पर जाकर जांच करवानी पड़ रही है जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।
डेंटल विभाग में संसाधनों की कमी केवल एक्स-रे तक सीमित नहीं है। यहां तीन डेंटल चिकित्सक हैं लेकिन डेंटल चेयर सिर्फ दो ही हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण चेयर की कमी समस्या बन चुकी है।
आरसीटी के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टर अगले दिन का समय देकर वापस भेजने को मजबूर हैं। ऐसे में मरीजों को बार-बार अस्पताल आना पड़ता है जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। यदि अस्पताल में तीसरी डेंटल चेयर की व्यवस्था हो जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
वर्जन:
एक्स-रे के लिए अटेंडेंट और ऑपरेटर की पोस्ट रिक्त है। नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। स्टाफ मिलने के बाद एक्स-रे सेवा शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए अस्थायी समाधान पर भी विचार चल रहा है। -डॉ. समीम, डेंटल सर्जन, सिविल अस्पताल