रेवाड़ी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 11 माह में करीब 10 हजार बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई है। इनमें 7200 बच्चों में दांतों की बीमारी मिली है। किसी में पायरिया, दांतों में सड़न, हिलने व अन्य समस्या मिली है। ज्यादा बीमार बच्चों को सिविल अस्पताल में भी रेफर किया गया। इन बच्चों को डेंटल ओपीडी में देखा जाता है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सात टीमें बनाई हुई है। इनमें 5 टीमें ब्लॉक में, एक शहर व एक कोसली में जांच कार्य संभालती हैं। ये टीमें सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्क्रीनिंग करती हैं। इसके बाद टीम ने उन्हें बीमारियों से बचाव और इनके कारणों की जानकारी देती है। साथ ही कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह भी देती है।
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बीमारियों के कारण
- भोजन में पौष्टिक आहार न लेना।
- खाने में पैकेजिंग खाद्य सामग्री की अधिकता।
- प्रतिदिन ब्रश न करना।
- खाने से पहले हाथ साफ न करना।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना।
बीमारियों से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- मुंह संबंधी बीमारियों से बचने के लिए प्रतिदिन सुबह व शाम ब्रश करें।
- अधिक तला हुआ भोजन न खाएं।
- खाने में हरी सब्जियां व मोटे अनाज का प्रयोग करें।
- विपरीत गुण वाले पदार्थों का एक साथ सेवन न करें।
- खांसी-जुकाम या कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- दूध-लस्सी आदि पेय पदार्थों से कैल्शियम व खून की मात्रा बढ़ती है।
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वर्जन:
जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 11 महीने में स्कूलों व आंगनबाड़ी में करीब 10 हजार बच्चों की बच्चों की जांच की गई। इनमें 7200 बच्चों में दांतों संबंधी समस्याएं मिलीं। इन सभी बच्चों का उपचार किया जा रहा है।
- मीनाक्षी, डीईआईसी, नागरिक अस्पताल