धारूहेड़ा से गुजरता दिल्ली जयपुर हाईवे
बावल। गांव रसियावास से तिहाड़ा को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। एडवोकेट हरिओम ने बताया कि इस मार्ग के न बनने से एक दर्जन गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि तिहाड़ा रोड पर नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 12 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है जबकि यह सड़क बन जाने पर दूरी मात्र चार किलोमीटर रह जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि अंडरपास में पानी भरने से आवाजाही बेहद कठिन हो जाती है। नरेश, राकेश और हेमंत ने बताया कि सड़क बनने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि लगभग एक घंटे का सफर केवल 20 मिनट में तय किया जा सकेगा।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवाज बुलंद की और बताया कि इस मुद्दे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को ज्ञापन भी सौंपा गया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि जैसे ही कन्या महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू होगी, छात्राओं को कॉलेज तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए प्रशासन को जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।