दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना महामारी के चलते राजधानी क्षेत्र में दूसरे राज्यों की बसों के प्रवेश पर रोक और ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेवाड़ी से दिल्ली जाने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारी सीजन में लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। बता दें कि रोडवेज व रेलगाड़ियों के माध्यम से प्रत्येक दिन करीब पांच हजार लोग दिल्ली की तरफ यात्रा करते थे। लॉकडाउन खुलने के बाद धीरे-धीरे बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। फिलहाल रेवाड़ी डिपो से देश के सभी राज्यों के लिए बसे शुरू हो गई हैं। लेकिन दिल्ली के लिए बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। जिले से प्रतिदिन कम से कम 25 बसे सीधी दिल्ली जाती थी। इसके अलावा चंडीगढ़, जालंधर और शिमला जाने वाली बसे दिल्ली होकर जा रही थीं। वहीं नारनौल से 50 व जयपुर से दिल्ली जाने वाली 10 बसे भी रेवाड़ी डिपो से होकर संचालन होता था। बसों का संचालन नहीं होने के कारण दिल्ली का सफर करने 5 हजार यात्रियों और राजधानी से व्यापार करने वाले व्यापारियों के व्यापार पर भी असर पड़ रहा हैं।
दिल्ली में बस स्टैंड शुल्क 380 से बढ़ाकर कर दिया 1000
जिले से लगभग 5 हजार लोग दिल्ली में निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। अधिकतर लोग ट्रेनों से ही करते हैं। रेवाड़ी से कम से कम अनेक पैसेंजर व एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का संचालन होता था। रेवाड़ी डिपो से दिल्ली बसों का संचालन किया गया था। लेकिन बाद में बंद कर दिया गया। इसके पीछे की वजह दूसरे राज्यों से आने वाले बसों से लिए जाने वाले शुल्क भी है। कोरोना महामारी से पहले हरियाणा से दिल्ली जाने वाली बसों से 380 रुपये बस स्टैंड चार्ज लिया जाता था। लेकिन इस महामारी के बाद इस शुल्क को बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया। इसके चलते दो दिन बाद ही बसों का संचालन बंद कर दिया गया थी।