रेवाड़ी। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी एलपीजी गैस आपूर्ति पर दिख रहा है। सिलिंडर की कालाबाजारी शुरू हो गई है। जरूरतमंदों से एक सिलिंडर के एवज में 3 से 4 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं सर्वर डाउन होने से लोगों की ऑनलाइन बुकिंग के बाद ओटीपी नहीं आ पा रहा है।
जिले में ढाई लाख उपभोक्ता हैं। सिलिंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ लगने लगी है। उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस सिलिंडर की डिलीवरी पहले की तुलना में देरी से हो रही है। बुकिंग के बाद भी कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
होटल, ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट संचालकों को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई व्यवसायियों ने बताया कि उन्हें सिलिंडर के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।
धारूहेड़ा में उपभोक्ता पंचम सिंह, ओम झा, रेखा देवी, विनोद कुमार, रोहित सिंह का कहना है कि हमें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। ब्लैक में 3 से 4 हजार रुपये में बेचा जा रहा है।
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सिलिंडर की संख्या पर्याप्त, ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत
धारूहेड़ा गैस एजेंसी मैनेजर राजू का कहना है कि हमारे पास सिलिंडर भरपूर मात्रा में है। वो लोग परेशान हैं जिन्हें ऑनलाइन बुकिंग करने में समस्या आ रही है। यह बदलाव जरूर हुआ है कि अब 25 दिन के बाद ही सिलिंडर की ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। ओम शिव शक्ति गैस एजेंसी मैनेजर उमेश कुमार का कहना है पीछे से सप्लाई कम है लेकिन हमारे पास जितने भी उपभोक्ता हैं सभी को सिलिंडर दिया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद ओटीपी नहीं आ पा रहा है। कुछ लोगों के ओटीपी आ रहे हैं लेकिन सर्वर के कारण हमारे पास नहीं दिख रहे हैं।
लकड़ी और कोयला की भी बढ़ी मांग
भाड़ावास मार्ग के पास स्थित लकड़ी और कोयला दुकानदार संतोष कुमार ने बताया कि लकड़ी और कोयले की मांग अचानक 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोग खाना बनाने के लिए पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने लगे हैं। मांग बढ़ने से लकड़ी और कोयले के दामों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ढाबा संचालक इसका काफी प्रयोग कर रहे हैं।
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वर्जन:
लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस बुकिंग करें।
-रविंद्र यादव, सप्लाई इंचार्ज, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग।