फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari: बावरिया गैंग के दो सदस्य काबू, पंच को गोली मारने का आरोप, जिले में कई वारदातों को दे चुके अंजाम

Mon, 27 Mar 2023 07:16 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

बासदूदा में भी परिवार पर हमला किया था। जिले में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पीड़ित परिवार के विरोध करने पर गिरोह के सदस्य हमला करते थे। आरोपियों से एक बाइक और एक रॉड भी बरामद की है।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के रेवाड़ी में घरों में घुसकर चोरियों की वारदातों को अंजाम देने वाले बावरिया गैंग के दो सदस्यों को सीआईए रेवाड़ी ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के मुरैना के गांव पचासा मैदान अंबाह निवासी राजकुमार और राजस्थान के अलवर जिले के गांव बासनी निवासी लालाराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने फरवरी में गांव बासदूदा में लूटपाट के इरादे से परिवार पर हमला किया था।

विज्ञापन


इसके अलावा अक्टूबर-2022 में गांव औलांत में चोरी की वारदात को अंजाम देने के साथ ही एक पंच को गोली मारकर घायल किया था। पुलिस ने आरोपियों से एक बाइक और एक रॉड भी बरामद की है।
डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि 13 फरवरी की रात को बदमाशों ने गांव बासदूदा निवासी कृष्ण कुमार के घर पर हमला किया था।

कृष्ण की पत्नी व बेटा अमित कुमार जाग गए थे। बदमाशों ने कुल्हाड़ी से दरवाजा काटकर अंदर घुसने का प्रयास किया था। पुलिस को सूचना देने व ग्रामीणों के आ जाने पर बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे।
विज्ञापन


पंच विजय यादव को मारी थी गोली
दूसरी वारदात 28 अक्टूबर 2022 को गांव औलांत में की थी। यहां बदमाशों ने तीन घरों में चोरी की थी। इस दौरान ग्रामीणों की नींद खुल गई थी। पीछा करने पर बदमाशों ने पंच विजय यादव को गोली मार दी थी। पैर में गोली लगने से विजय यादव घायल हो गए थे और बदमाश भाग गए थे। दोनों ही मामलों में खोल थाना पुलिस ने अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

गिरोह में सात सदस्य, सभी रिश्तेदार
डीएसपी ने बताया कि रेवाड़ी सीआईए इंस्पेक्टर सुमेर सिंह को वारदात करने वाले गिरोह के बारे में सुराग हाथ लगे थे। सीआईए ने लालाराम को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ में गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई और दूसरे सदस्य राजकुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में कुल सात सदस्य हैं और सभी आपस में रिश्तेदार है। रिश्तेदारों ने ही मिल कर अपना गिरोह बनाया हुआ था और वारदात करते थे।

तीन-चार दिन तक करते थे रेकी
वारदात करने से पहले गिरोह के सदस्यों द्वारा घर की तीन-चार दिन तक रेकी की जाती थी। आने और वापस भागने के सभी रास्तों के बारे में भी जानकारी जुटाते थे। गिरोह के सदस्य वारदात के लिए बाइक पर जाते थे, लेकिन जिस घर में वारदात करनी होती थी, उसे दो किलोमीटर दूर बाइक खड़ी कर पैदल जाते थे। गांव की फिरनी व खेतों में बने घर गिरोह का टारगेट रहते थे। डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि पूछताछ में जिले में हुई अन्य वारदात से भी पर्दा उठने की संभावना है। गिरोह के सरगना रोशन लाल व अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है। आरोपी राजकुमार पर मध्यप्रदेश के मुरैना में कई मामले दर्ज है। आरोपी पर अवैध हथियार के मामले भी दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें