रेवाड़ी पुलिस का ऑपरेशन ‘प्रहार’ पूरी तरह गुप्त रखा गया था। शुक्रवार की सुबह साढ़े 4 बजे पुलिस ने मोर्चा संभाला और इसके बाद एक साथ सभी ठिकानों पर रेड की। कार्रवाई के दौरान सादी वर्दी में सैकड़ों पुलिस जवान गाड़ियों में सवार होकर अपराध जगत से जुड़े लोगों के घरों में दबिश देने पहुंचे।
संगठित अपराध और गैंगस्टर्स के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत शुक्रवार की अलसुबह रेवाड़ी जिले में पुलिस की ओर से 15 से ज्यादा स्थानों पर गैंगस्टर्स, उनके गुर्गो और पनाह देने वाले लोगों के ठिकानों पर छापामारी की गई। इस छापेमारी में 300 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारियों शामिल रहे।
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मिली जानकारी के अनुसार
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी पुलिस का ऑपरेशन ‘प्रहार’ पूरी तरह गुप्त रखा गया था। शुक्रवार की सुबह साढ़े 4 बजे पुलिस ने मोर्चा संभाला और इसके बाद एक साथ सभी ठिकानों पर रेड की। रेवाड़ी में गैंगस्टर्स के ठिकानों संघी का बास, नई आबादी, गुर्जरवाड़ा, मोहल्ला बास सिताबराय, धारूहेड़ा चुंगी, सत्ती कॉलोनी, धक्का बस्ती के अलावा कई गांवों में भी छापेमारी की गई है।
पुलिस के सीनियर ऑफिसर रहे ऑपरेशन में शामिल
कार्रवाई के दौरान सादी वर्दी में सैकड़ों पुलिस जवान गाड़ियों में सवार होकर अपराध जगत से जुड़े लोगों के घरों में दबिश देने पहुंचे। इतना ही नहीं अपराधियों के गुर्गो, उन्हें किसी भी प्रकार से मदद देने वालों के यहां भी छापेमारी की गई है। ऑपरेशन की अगुवाई पुलिस के सीनियर ऑफिसर कर रहे थे।
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गुर्गे फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे
रेवाड़ी में सबसे ज्यादा जगह रेड शहर के भीतर हुई है। गैंगस्टर और उनके गुर्गों के ठिकाने भी शहर में ही सबसे ज्यादा है। फिलहाल शहर में राजकुमार उर्फ झोटा गैंग, आलू गैंग, जीता गैंग, लीलू ततारपुरिया गैंग, महेश सैनी गैंग के अलावा गुरुग्राम के नामी गैंगस्टर चांद गुर्जर की गैंग भी एक्टिव है। हालांकि ज्यादातर गैंग के मुखिया फिलहाल जेल के भीतर है, लेकिन कुछ गुर्गे फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे चल रहे है।