गांव बिदावास में भ्रूण मामले में गवाह रही गांव अलावलपुर की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका का शव गांव के ही अंतिम छोर पर बने एक मंदिर के चबूतरे पर पड़ा मिला। उसके भाई ने गांव के कुछ लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। रविवार को बावल में शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब सोमवार को रोहतक पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम होगा। बावल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
उपमंडल बावल के गांव अलावलपुर स्थित बाबा भैया के मंदिर पर गांव की ही कृष्णा (55) का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सुबह करीब पांच बजे उसका शव देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना बावल थाना पुलिस को दी। बावल थाना पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे लिया।
भाई अजीत सिंह का कहना है कि जुलाई 2015 को उसकी बहन के पति रामानंद की भी गांव के ही कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में बावल थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। उन्हीं लोगों ने एक बार फिर से उसकी बहन कृष्णा की भी हत्या कर दी है। शिकायत में अजीत ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने ही कुछ दिन पहले उनकी बहन कृष्णा को फोन पर जान से मारने धमकी दी थी।
मामले में गांव के सरपंच दिनेश समेत मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कृष्णा मंदिर में तो रोजाना आती थी। कभी भी जूते पहनकर नहीं चढ़ती थी। अगर आई भी तो रात की ओस में मंदिर के चारों तरफ पड़ी रेत जूतों में क्यों नहीं लगी। इसके अलावा गृहस्थी होकर वह सर्द रात में मंदिर में क्या करने गई थी। पास ही बने खाली मकान में इस तरह के निशान मिले हैं कि जैसे शनिवार रात यहां कुछ हुआ है।
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शनिवार को बुलाया था थाने
गांव बिदावास में मिले भ्रूण से जुड़ा होने की भी आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो कृष्णा इस मामले में गवाह थीं और पुलिस ने शनिवार शाम चार बजे पूछताछ और लिखित बयान के लिए कृष्णा को थाने बुलाया था। अजीत ने बताया कि फोन पर हुई बात में कृष्णा ने कहा था कि थाने में एक पुलिसकर्मी ने मामले से पीछे हट जाने धमकी भी दी थी। ऐसे मेें मामले को भ्रूण हत्या के एंगल से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
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रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा: एसओ
मामले में शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम सोमवार को रोहतक पीजीआई में होगा, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। मामले को भ्रूण हत्या में गवाही से भी जोड़कर देखा जा रहा है। - संजय कुमार, एसएचओ, बावल