दिल्ली के रक्षा मंत्रालय में एमटीएस में कार्यरत लापता लिपिक सुभाष चंद्र धारूहेड़ा में सोमवार को घूमते हुए मिले। पुलिस ने उन्हें अभिरक्षा में लेकर मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां उनके बयान दर्ज कराए गए हैं। धामलावास गांव निवासी लिपिक संदिग्ध हालात में शुक्रवार को लापता हो गए थे। पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार लिपिक एप के माध्यम से जुआ खेलते थे और वह जुआ में काफी राशि हार गए थे।
रामपुरा थाना प्रभारी के अनुसार लिपिक सुभाष चंद्र के कुछ लोगों के संपर्क में थे और वे दो बार उनके साथ पहले भी जा चुके हैं। जिन लोगों के साथ वह क्रेटा में बैठ कर गए थे, उन लोगों में जुबेर नाम ले रहे थे और वे दो लोग थे। फिलहाल तक मामला पूरी तरह से खुल नहीं पाया है कि गाड़ी में बैठने के बाद वे लिपिक को कहां ले गए। सुभाष चंद्र ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह 2 अक्तूबर की रात को उन लोगों के चंगुल से छुटकर भागे हैं।
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पुलिस को जब धारूहेड़ा में सर्विस रोड पर लिपिक के घूमने की सूचना मिली थी तभी उन्हें मौके पर ही अभिरक्षा में ले लिया गया था। सोमवार को एसआईटी ने लिपिक के मोबाइल की सीडीआर और बैंक खाते की जांच की तो उनके खाते से 3 दिन में 21 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन मिले हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है कि यह राशि कहां से आई है। इस बारे में रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है।
ये था मामला
सुभाष चंद्र शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे दिल्ली जाने के लिए अपनी स्कूटी लेकर निकल थे। उसके बाद न तो वे ड्यूटी पर पहुंचे और न ही घर लौटे। इस संबध में शनिवार उसके परिजन एसपी राजेश कुमार से मिले और उन्होंने मामले में परिजनों ने एसपी जांच की मांग। उसके बाद रामपुरा थाने में विभिन्न धाराओं के मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। लिपिक की स्कूटी शहर बस स्टैंड पर खड़ी मिली थी।
स्कूटी में मिली डायरी में लिपिक ने लिखा है कि उससे उस्मान नाम का व्यक्ति रक्षा मंत्रालय से जुड़ी अहम जानकारियां मांग रहा है। सुभाष के भाई सतेंद्र ने शनिवार को रामपुरा थाना में शिकायत दी थी। पुलिस के अनुसार लिपिक का मोबाइल हांसाका गांव के पास स्विच ऑफ हो गया था। बस स्टैंड पर स्कूटी खड़ी कर वह पैदल ही बाहर आए थे। इसके बाद एटीएम से 30 हजार रुपये भी निकाले थे।
पुलिस को सुभाष चंद्र को सकुशल मिल गए हैं। मंगलवार को अदालत में बयान दर्ज करा दिए गए हैं। लिपिक ने पूछताछ में बताया कि वह दो लोगों के साथ क्रेटा गाड़ी में बैठे थे, इसके बाद उन्हें नहीं पता कि वेे उसे कहां ले गए। लिपिक ने बैंक लोन भी लिया और कुछ लोगों से राशि भी उधार ली है। वह किसी एप पर जुआ खेलते थे, जिसमें पैसे हार गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-शिवचरण, थाना प्रभारी, रामपुरा।