रेवाड़ी। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रहे अभियान की कमर तोड़ने के लिए वाहन मालिकों द्वारा 10 हजार रुपए तनख्वा देकर आरटीए की लोकेशन बताने के लिए कार्यालय के बाहर बैठाए गए एक गूर्गे को पुलिस ने रविवार को दबोच लिया। जिसकी पहचान महेंद्रगढ जिले के गांव खैराली निवासी राजन के रूप में हुई है। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरटीए सचिव एवं एडीसी को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सक्रिय हैं। रविवार उन्होंने स्वयं कार्यालय की जासूसी के आरोप में एक युवक को काबू किया है। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में गिरोह के तीन सदस्यों के नाम बताए। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पिछले दो माह से लघु सचिवालय के पीछे कैंटीन के पास बने आरटीए ऑफिस के आसपास घूम रहा था। आरटीए के कर्मचारी उस पर लगातार नजर बनाए हुए थे। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद वह ऑफिस के बाहर बैठा था। इधर, आरटीए टीम को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निकलना था। जैसे ही आरटीए ऑफिस से एक बुलेरो गाड़ी निकली। आरोपी राजन ने उसका पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूर चलने के बाद जब गाड़ी रुक गई तो वह वापस आरटीए ऑफिस के बाहर आकर बैठ गया और मोबाइल के जरिए पूरे लोकेशन अपने आका को भेज दी। आरटीए के कर्मचारी उसकी जासूसी को पहचान चुके थे। उन्होंने इसके बारे में एडीसी एवं आरटीए प्रदीप दहिया को दी। उसके बाद एडीसी ने अपनी टीम के साथ आरोपी राजन को पकड़ लिया।
आसलवास के समीप कार्यालय बनाए गिरोह के मास्टर माइंड को देता थालोकेशन
एडीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बातया कि वह आसलवास के समीप कार्यालय बनाकर बैठे रामरतन खटाना के लिए जासूसी करता था। जासूसी करने की एवज में उसे हर माह 10 हजार रुपए दिए जाते थे। आरटीए ऑफिस के बाहर बैठकर हर गतिविधि पर नजर रखता था और इसकी जानकारी रामरतन को देता था। मास्टर माइंड रामरतन जासूसी के बाद ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित निकलवाने के लिए ओवरलोड वाहन चालकों से रुपये लेता था।
आरटीए कार्यालय से अधिकारियों की जासूसी करने के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ में मुख्य सरगना की जानकारी ली जाएगी।
प्रदीप कुमार, एसएचओ माडल टाउन