संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जमाबंदी में गलत नाम चढ़ने के मामले में सिविल जज बेनिका (जूनियर डिविजन) की अदालत ने नाम को दुरुस्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों और पुष्टि करने वाले मौखिक साक्ष्य के माध्यम से पहचान को सही किया जाए।
कोर्ट ने कहा कि राजस्व प्रविष्टियों में अनजाने और ध्वन्यात्मक त्रुटियां हुई हैं। ऐसे में वादी के वास्तविक नामों में हुई त्रुटियों को दूर किया जाना चाहिए। कोर्ट ने अजय को संशोधित कर अजयपाल, रवि को संशोधित कर रविन कुमार और सजीव को संशोधित कर राजीव करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि इन सुधारों को न करने से भविष्य में संपत्ति पर उनके अधिकारों के संबंध में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए वादी राहत के हकदार माने जाते हैं। राजस्व अधिकारियों को राजस्व दस्तावेजों में आवश्यक सुधार करने का आदेश दिया जाता है। डिक्री शीट तैयार की जाए और उचित अनुपालन के बाद फाइल को रिकॉर्ड रूम में भेज दिया जाए।
वादी राजीव, रविन और अजय पाल के वकील ने कोर्ट में बताया कि गांव रसूलपुर की वर्ष 2022-23 की जमाबंदी और गांव खेड़ा आलमपुर उप-तहसील पाल्हावास की वर्ष 2020-21 की जमाबंदी और वादी नंबर 1 गांव रसूलपुर की जमाबंदी वर्ष 2022-23 में अपने गलत नाम सजीव के स्थान पर अपना नाम राजीव सही करने का हकदार है।
कहा कि शिकायत के माध्यम से यह प्रस्तुत किया गया है कि वादी के नाम रविन कुमार और अजयपाल पुत्र अमी लाल है। इलाके में रविन कुमार और अजयपाल के रूप में जाना जाता है। पैन कार्ड, बैंक और अन्य सरकारी दस्तावेजों में रविन कुमार और अजयपाल के रूप में दर्ज है।
प्रतिवादी रसूलपुर और खेड़ा आलमपुर गांव के हलका पटवारी ने रसूलपुर गांव में 23-06-1996 को स्वीकृत म्यूटेशन संख्या 303 और आलमपुर गांव में 17 सितंबर 1991 को स्वीकृत म्यूटेशन संख्या में वास्तविक नामों के बारे में उचित जांच किए बिना नाम रवि और अजय के रूप में गलत तरीके से दर्ज किए हैं।
गलती के बारे में 2023 को चला था पता
वादी की तरफ से यह भी प्रस्तुत किया गया है कि गांव रसूलपुर की जमाबंदी वर्ष 2022-23 में प्रतिवादी ने गलत तरीके से उसके सही नाम राजीव के बजाय सजीव दर्ज किया है जो कि अवैध, गलत और कानून के विरुद्ध है और इसे ठीक किया जाना चाहिए। वादीगण को गलती के बारे में 15 जून 2023 को पता चला जब उपरोक्त म्यूटेशन की प्रतियां प्राप्त की। यदि राजस्व दस्तावेजों में वादीगण का नाम रविन कुमार व अजयपाल पुत्रगण अमी लाल के रूप में सही नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में वादीगण को भविष्य में अपूरणीय क्षति होगी और भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही राजस्व लाभ प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं और अपनी जमीन भी नहीं बेच पा रहे हैं।