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1127 करोड़ रुपये के घोटाले, साल भर में कार्रवाई शून्य

Wed, 04 May 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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भाजपा की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार आए दिन अच्छे दिन आने वाले हैं...का जुमला फेंकती है, लेकिन अगर आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में कांग्रेस सरकार के दौरान रेवाड़ी शहर में घोटाले करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह भी तब जब मामला 1127 करोड़ रुपये जैसी भारी-भरकम रकम से जुड़ा हो और इसकी शिकायत खुद भाजपा जिलाध्यक्ष ने करते हुए विभिन्न रिपोर्ट्स और साक्ष्य भी प्रशासन और सरकार को उपलब्ध कराए हों।
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पिछले साल की गई शिकायतों में कई के साल भर बीतने के बावजूद अभी तक जांच भी पूरी नहीं हुई। तो किसी मामले में सीएम के कहने के बावजूद जांच शुरू तक नहीं हो सकी। इससे भी अलग जिन मामलों की जांच हुई भी तो उनमें कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं हुआ है।

उल्टे नगर परिषद और कई विभागों में अधिकारी अब काम करने से और ज्यादा कतरा रहे हैं। ऐसे में अच्छे दिन कैसे आएंगे यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने खुद सीएम को पत्र लिखकर लंबित जांच पूरी कराने और जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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300 एकड़ जमीन में हजार करोड़ का है घोटाला
 टाउन एवं कंट्री प्लानिंग विभाग में सेक्टर 6 और 7 की 299.46 एकड़ जमीन में करीब 1 हजार करोड़ रुपये घोटाले की शिकायत पिछले साल 22 सितंबर को की गई थी। मामले में गुड़गांव के भूमि अर्जन संपदा अधिकारी ने 22 मार्च 2016 को ही अपनी जांच रिपोर्ट भी फाइल कर दी। जांच में महानिदेशक नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को दोषी पाया। कार्रवाई शून्य।

नप में जांच पर जांच, सीएम के आदेश भी हवा
नगर परिषद रेवाड़ी में कांग्रेस समर्थित नपा प्रधान और 17 नपा अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न भ्रष्टाचार की शिकायतों में करीब 25 करोड़ रुपये के गबन की शिकायत पिछले साल 26 मार्च को हुई थी। मामले में नगराधीश और एसडीएम ने जांच की और आरोपों को सही पाया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं मामले में एडीसी जांच, राज्य चौकसी ब्यूरो और महालेखाकार की जांच तो शुरू भी नहीं हुईं। वह भी जब सीएम खट्टर ने खुद राज्य चौकसी ब्यूरो से मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। वहीं नप के प्रॉपर्टी टैक्स असेस्मेंट मामले में 66 लाख रुपये घोटाले की अक्तूबर 2015 की शिकायत पर एडीसी की जांच अभी तक पेडिंग ही है।

वक्फ बोर्ड की जांच में साल भर पहले तहसीलदार निकला दोषी
वक्फ  बोर्ड की जमीन पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में 31 मार्च 2015 को शिकायत हुई थी। मामले की जांच सीटीएम और जिला राजस्व अधिकारी ने करने के बाद पिछले साल ही अप्रैल महीने में रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में वक्फ बोर्ड तहसीलदार को दोषी पाया गया था। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हुई।

चौकसी ब्यूरो दे चुका दोषी रिपोर्ट, फिर भी मौज
कोसली जनस्वास्थ्य विभाग में एक मामले में करीब 85 लाख रुपये के घोटाले की शिकायत भी पिछले साल मार्च में की गई थी। मामले में चौकसी ब्यूरो ने जांच की और नवंबर 2015 में सम्मिट की रिपोर्ट में कोसली जनस्वास्थ्य विभाग के 8 अधिकारियों को दोषी पाया। बावजूद इसके कार्रवाई शून्य रही। वहीं रेवाड़ी बाल कल्याण परिषद में कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 1 करोड़ रुपयों के घोटाले में एडीसी की रिपोर्ट में जिला बाल कल्याण अधिकारी को दोषी करार देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा जांच एसडीएम बावल को सौंप दी वो अभी तक पेंडिंग है।
वर्जन
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों को पूरी निर्भीकता के साथ उठाया। कई साक्ष्य भी प्रस्तुत करवाए। लेकिन 1127 करोड़ रुपयों के घोटाले वाले 6 प्रमुख मामलों में से किसी में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते सीएम को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
-सतीश खोला, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा रेवाड़ी
वर्जन
कई मामलों की इन्क्वायरी हायर लेवल पर होनी हैं। वहीं नगर परिषद प्रॉपर्टी टैक्स असेस्मेंट से जुड़ी रिपोर्ट फाइनल होकर आज ही मिली है। इसके अलावा बाल कल्याण परिषद से जुड़े मामले की जांच भी बाद में विजिलेंस के लिए रिकमंड कर दी गई थी।
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-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी
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