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ढाकिया में कोरोना सैंपल लेने गई टीम पर हमला, चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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गांव ढाकिया में शुक्रवार को घर-घर कोरोना जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव खटावली निवासी हरिकिशन ने कहा है कि वह मसानी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वीरवार को मसानी स्वास्थ्य केंद्र से टीम गांव ढाकिया में कोविड-19 के सैंपल लेने के लिए गई थी। वह भी टीम में शामिल था। टीम के सदस्य घर-घर जाकर लोगों के सैंपल ले रहे थे। इसी दौरान ढाकिया निवासी धीरज, हरिओम, जसबीर व सतेंद्र ने हरिकिशन के साथ कोरोना के सैंपल लेने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते युवकों ने स्वास्थ्य कर्मी हरि सिंह के साथ जमकर मारपीट की तथा उसे जातिसूचक शब्द भी बोले। सूचना के बाद टीम के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आरोपी युवक वहां से भाग गए थे।
दोनों पक्षों को बुलाकर ली घटना की जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद डीएसपी अमित भाटिया भी मौके पर पहुंच गए। डीएसपी ने दोनों पक्षों को बुलाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद हरिकिशन के बयान पर धीरज, हरिओम, जसबीर व सतेंद्र के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने व जातिसूचक शब्द बोलने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले में एक आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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कम नहीं हो रही संक्रमण की दर, सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में 783
जिस तरह से जिले में चारों ओर कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, आने वाले समय में यह भारी पड़ सकती है। लोगों का कोरोना जांच कराने का रुझान भी कम होता जा रहा है, यही कारण है कि सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में 783 कोरोना जांच कम हुई। जिले में संक्रमण की दर कम नहीं हुई है, रिकवरी रेट भी 91.1 पर चल रहा है। एक से 15 सितंबर के बीच 16 दिनों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 12115 लोगों के सैंपल की जांच की गई, जिसमें से 1041 मरीज संक्रमित पाए गए। वहीं एक से 15 अक्तूबर के बीच 11332 लोगों की जांच में 875 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार सितंबर के 16 दिनों के मुकाबले अक्तूबर में 783 कम सैंपल लिए गए। जबकि मरीजों में कमी महज 166 की आई। ऐसे में आंकड़े बताते हैं कि अभी कोरोना का खतरा पहले की तरह ही बना हुआ है।
वर्जन
रेवाड़ी में कोरोना के मामले में 15 दिनों की तुलना करें तो कोई खास ज्यादा अंतर भी नहीं है। क्योंकि अब हर कोई काम धंधों में लगा हुआ है। तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना टेस्ट कराने के लिए कम लोग पहुंच रहे हैं। अब मौसम बदल रहा है, खांसी जुकाम के मरीज बढ़ने के साथ-साथ अब दोबारा कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ सकती है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा जांच करानी चाहिए, वहीं अब त्योहारी सीजन में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
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- डॉ. विजय प्रकाश, कोविड नोडल अधिकारी
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