बावल खंड के गांव खरखड़ी के प्राथमिक पाठशाला में स्कूल में अध्यापक और मिड-डे मिल वर्कर के बीच चल रहे विवाद को शांत करने के लिए मोहम्मदपुर से डेपुटेशन पर भेजे गए शिक्षक को लेकर जिम्मेदार ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे है। बावल खंड शिक्षा अधिकारी सतपाल धूपिया ने कहा कि स्कूल का माहौल सुधारने के लिए गांव मोहम्मदपुर स्कूल के एक शिक्षक को डेपुटेशन पर जाने के आदेश जारी कर दिए थे लेकिन वह ज्वाइन नहीं कर रहा है। उच्च अधिकारियों द्वारा भी इस आदेश को कैंसिल करने का दबाव दिया जा रहा है। उधर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया ने कहा कि जिस अध्यापक को डेपुटेशन पर खरखड़ी गांव भेजा गया है। वह बीमार रहता है इसलिए उसके स्थान किसी अन्य को भेजने के लिए कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि बावल खंड के गांव खरखड़ी में शिक्षक और मिड-डे मिल वर्कर के बीच एक पखवाडे़ पूर्व किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था मामला पुलिस थाना भी पहुंचा लेकिन ग्रामीणों की मध्यस्था से मामले को सुलझा दिया था।
दूसरी ओर इस विवाद को दूर करने के लिए बावल के खंड शिक्षा अधिकारी ने खरखड़ी स्कूल में कार्यरत शिक्षक को बधराना और मौहम्मदपुर स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक को खरखड़ी डेपुटेशन पर भेजे जाने के आदेश जारी कर दिए लेकिन दोनों अध्यापकों ने अपने स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया है।
नहीं है मिड-डे मिल का राशन
बताया गया है कि स्कूल में कई दिनों से मिड-डे मिल के लिए राशन नहीं होने के कारण बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया जा रहा है। बच्चों को बिना दोपहर के भोजन के दिन बिताना पड़ रहा है। जुलाई माह में भी करीब पंद्रह दिन तक स्कूल में मिड-डे मिल नहीं बनाया गया था। इस बात की शिकायत ग्राम पंचायत को की गई। उसके बाद मिड-डे मिल बनाना शुरू किया गया।
करीब एक पखवाड़ा से गांव के स्कूल का माहौल खराब हो रहा है। स्कूल के अध्यापक और मिड-डे मिल वर्कर के बीच विवाद को दूर करने के लिए शिक्षा अधिकारियों को भी कहा जा चुका है। वर्तमान शिक्षक सुबह स्कूल में आकर चला जाता है। इसके बाद बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं होता। स्कूल के बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। दोपहर का भोजन भी नहीं बन रहा है। -मुकेश, सरपंच, गांव खरखड़ी।
वह नियमित रूप से स्कूल जाता है। सुबह-शाम की हाजिरी की जांच की जा सकती है। स्कूल में अकेला होने के कारण स्कूल के कार्य भी निबटाने पड़ते हैं। स्कूल में कुुछ दिन पूर्व हुए विवाद के बाद उसका डेपुटेशन बधराना के स्कूल में कर दिया लेकिन रिलिव नहीं होने के कारण उसने ज्वाइन नहीं किया है। -राजकुमार, शिक्षक, राजकीय प्राथमिक स्कूल, खरखड़ी।