संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। ग्रैप-4 की पाबंदी हटने के बाद करीब 30 हजार दिहाड़ी मजदूरों ने राहत की सांस ली है। पाबंदी हटने के बाद जिले के फ्लाईओवरों, भवनों का निर्माण, सड़कों का निर्माण, तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य फिर से शुरू हो चुका है।
धीरे-धीरे कार्य फिर से पटरी पर लौटना शुरू हो गया है। धारूहेड़ा में भवन निर्माण का कार्य करने वाले श्रमिक राजकुमार, मुकेश, सुनील ने बताया कि ग्रैप-4 की पाबंदियां जब लगी थी, तब वह अपने गांव के लौट गए थे। अब फिर से वापस रेवाड़ी आ गए हैं। दूसरी तरफ 3 साल में पहली बार अधिक दिनों तक ग्रैप चार की पाबंदियां इस साल लगी हैं। 2022 में 3 से 6 नवंबर, 2023 में 5 से 18 नवंबर तक ग्रैप चार की पाबंदियां लगी थी। इस वर्ष 2024 में गैप-4 की पाबंदियां 17 नवंबर से लगाई गई थी जो दिसंबर 6 को हटाई थी है। फिर दोबारा से ग्रैप की पाबंदी लगाई गई, जो अब हटा ली गई है।
इस सीजन में अधिकतम प्रदूषण का स्तर 449 के पास पहुंच गया था, जोकि काफी गंभीर श्रेणी में माना जाता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न दोबारा ना हो, इस वजह से ग्रैप 4 की पाबंदियां लंबे समय तक लगाई गई थी।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और निजी संपत्तियों के मालिकों पर कुल 31 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। 50 डीजी सेट (जनरेटर) भी सील किए हैं। साथ ही 6 कंपनियों को सील करने के लिए पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। नगर परिषद की तरफ से खुले में कूड़ा जलाने, कंस्ट्रक्शन साइट पर तथा होटल में ढाबों पर लकड़ी व कोयला जलाने वालों के अभी तक 100 से अधिक चालान किए गए हैं। ढाई लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है।
वर्जन:
ग्रैप की पाबंदियां की पालना बहुत जरूरी है। प्रदूषण को कम करने के लिए ही यह पाबंदियां लगाई जाती हैं। लोगों से अपील है कि कूड़ा आदि ना जलाएं, ताकि प्रदूषण ना फैले। इसके लिए सभी को मिलजुल कर सहयोग करना होगा। तभी प्रदूषण को कम किया जा सकता है। -हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी