नामकरण को लेकर एकत्रित हुए ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
कोसली। कोसली-भाकली नामकरण मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। दी कोसली एट भाकली बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारिता समिति लिमिटेड के नाम को लेकर समिति प्रबंधक की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें कोसली और भाकली गांवों की पंचायतों को आमंत्रित किया गया था।
बैठक में समिति के नामकरण पर चर्चा होनी थी। ग्रामीणों ने बताया कि समिति का नाम बदलकर केवल भाकली करने की बात रखी गई थी। इस पर कोसली ग्रामवासियों ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि समिति का नाम कोसली एट भाकली ही रहना चाहिए ताकि दोनों गांवों की पहचान और भागीदारी बनी रहे।
विवाद बढ़ता देख समिति प्रबंधक ने बैठक को स्थगित कर दिया। अब अगली बैठक में नामकरण को लेकर दोबारा चर्चा की जाएगी। इस मौके पर जिला पार्षद जीवन हितैषी, कोसली सरपंच रामकिशन जांगड़ा, होशियार लम्बदार, अशोक कुमार, सरदा, कृष्ण, भारत, कर्मवीर, अनिल, राजेश पंच, रामचंद्र, सतबीर और धर्मेंद्र सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।