रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में मानविकी संकाय और व्यावहारिक और संज्ञानात्मक विज्ञान संकाय के संयुक्त तत्वावधान में संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वक्ताओं ने संचार, संप्रेषण, जन संचार व व्यक्तित्व विकास के बहुआयामों पर चर्चा की।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने कहा कि संचार मानव जीवन का आधार है। किसी भी प्रकार के विचार, संदेशों या भावनाओं के बिना मानव जीवन अकल्पनीय है। संचार प्रेषक के लिए अपनी बातों को प्रभावी ढंग से रखना बहुत महत्वपूर्ण है। संचार कौशल और व्यक्तित्व के संयोजन से ही प्रभावी संचार की रूपरेखा तय होती है।
कार्यशाला में बतौर वक्ता अधिष्ठाता, मानविकी संकाय, प्रोफेसर निखिलेश यादव ने मनुष्य के व्यक्तित्व विकास के लिए भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
व्यावहारिक और संज्ञानात्मक विज्ञान संकाय अधिष्ठाता डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने जन संचार की बारीकियों पर जोर देते हुए संदर्भित भाषण, शारीरिक हाव-भाव, आवाज में उतार-चढ़ाव, दर्शकों के साथ तालमेल बनाते हुए प्रभावी संचार के विभिन्न तत्वों का वर्णन किया।