रेवाड़ी। जिले में कामर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति 50% तक बढ़ा दी गई है। इससे होटल, ढाबों और अन्य आवश्यक सेवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त आवंटन को प्राथमिकता के आधार पर रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां, डेयरी, सरकारी सब्सिडाइज्ड कैंटीन और कम्युनिटी किचन को दिया जाएगा।
इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों (छात्रावास सहित), सरकारी कैंटीन, पीएसयू और विवाह समारोहों विशेषकर बेटियों के विवाह के लिए एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेगी।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतीश कुमार सिंगला ने बताया कि सभी कामर्शियल और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
बिना पंजीकरण के किसी भी उपभोक्ता को एलपीजी आवंटित नहीं किया जाएगा। कंपनियां उपभोक्ताओं के सेक्टर और वार्षिक आवश्यकता का रिकॉर्ड भी रखेंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां कामर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी के लिए आवेदन करना जरूरी होगा। भविष्य में एलपीजी आवंटन के लिए इसे एक अनिवार्य शर्त के रूप में देखा जाएगा।
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कालाबाजारी पर रोक के लिए सख्ती के निर्देश
प्रशासन ने एलपीजी के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता की सुविधा के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। उपभोक्ता कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपनी शिकायत सत्य प्रकाश, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के पास दर्ज करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं और संस्थानों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और एलपीजी का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही करें ताकि सभी को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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इन्हें होगा प्राथमिकता के आधार पर वितरण
रेस्टोरेंट, ढाबे एवं होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां एवं डेयरी, स्थानीय निकायों से संचालित सब्सिडाइज्ड कैंटीन, कम्युनिटी किचन, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।