रेवाड़ी। एलपीजी के बाद अब सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध गैस आपूर्ति के कारण पीएनजी की मांग बढ़ रही है। पीएनजी के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए आजीएल ने आवासीय पीएनजी कनेक्शन के लिए अग्रिम सुरक्षा जमा राशि 7 हजार से घटाकर 5 हजार रुपये कर दिए हैं।
आईजीएल के सीजीएम व जीए प्रमुख अंशुमान सिंह कुशवाहा ने बताया कि वाणिज्यिक कनेक्शनों के लिए मीटर सुरक्षा शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जो उपभोक्ता 31 मार्च तक अपना पीएनजी कनेक्शन पंजीकृत कर सक्रिय करवा लेंगे उन्हें 500 रुपये की मुफ्त गैस दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पीएनजी से जोड़ना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि पीएनजी नेटवर्क ने शहर में खाद्य आपूर्ति शृंखला और स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रेस्टोरेंट्स, ढाबों और अस्पतालों को लगातार गैस आपूर्ति मिलने से उनका संचालन सुचारू रूप से हो पा रहा है। आने वाले समय में पीएनजी नेटवर्क का और विस्तार होने से शहर के अधिक से अधिक घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को इसका लाभ मिलेगा।
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एलपीजी सिलिंडरों की तुलना में अधिक सुरक्षित
कंपनी का कहना है कि पीएनजी न केवल सुविधाजनक है बल्कि एलपीजी सिलिंडरों की तुलना में अधिक सुरक्षित भी है। इसमें गैस पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों और प्रतिष्ठानों तक पहुंचती है जिससे सिलेंडर बदलने की झंझट खत्म हो जाती है। लीकेज की स्थिति में सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत अलर्ट सिस्टम भी रहता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप आईजीएल हरियाणा में अपने पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। रेवाड़ी गैस एरिया में भी नए क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य प्रगति पर है, जिससे आने वाले समय में और अधिक उपभोक्ताओं को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
गैस एजेंसियों के बाहर उमड़ी भीड़, उपभोक्ता परेशान
रेवाड़ी। शहर में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपभोक्ता सुबह से ही सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लग रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर भारी दबाव बना हुआ है। लोगों का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गैस की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही, जिससे स्थिति बिगड़ रही है। वहीं एजेंसी संचालकों का कहना है कि मांग अधिक होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।