रेवाड़ी। शहर के विजय नगर की रहने वाली पूजा (47) ने अपने घर के छोटे से आंगन को खूबसूरत फूलों की बगिया में बदल दिया है। 12 वर्षों से वह पौधों की देखभाल कर रही हैं। आज उनके घर में गेंदा, गुलाब, गुड़हल सहित कई तरह के फूल खिले हुए हैं जो न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि आसपास के लोगों को भी प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
पूजा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पौधे लगाने का शौक था। समय के साथ यह शौक उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया। वह हर दिन सुबह करीब एक घंटा पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, नई कलम तैयार करना और खाद डालने जैसे काम करती हैं।
उन्होंने बताया कि पौधों के लिए किचन वेस्ट का उपयोग करती हूं। घर से निकलने वाले सब्जियों और फलों के छिलकों सहित अन्य जैविक कचरे से खाद तैयार कर पौधों में डालने से उनकी अच्छी बढ़वार होती है।
मौसम के अनुसार अलग-अलग फूल खिलते रहते हैं, जिससे घर का आंगन हमेशा रंग-बिरंगा और आकर्षक दिखाई देता है। आने वाले मेहमान भी उनकी बगिया की सराहना किए बिना नहीं रहते।
पौधों से मिलता है मानसिक सुकून
पूजा ने बताया कि पौधों के बीच समय बिताने से मानसिक शांति और सुकून मिलता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति को अपने घर में कम से कम कुछ पौधे जरूर लगाने चाहिए। इससे वातावरण शुद्ध रहता है और तनाव भी कम होता है। पूजा की इस पहल से आसपास के कई लोग भी प्रेरित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार अपने घर में कुछ पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल करे तो शहर को अधिक हरा-भरा और स्वच्छ बनाया जा सकता है।
गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल जरूरी
बावल मार्ग स्थित नर्सरी के संचालक रोहित कुमार ने बताया कि गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल करनी होती है। तेज धूप और अधिक तापमान के कारण पौधे जल्दी सूख सकते हैं। पौधों को सुबह जल्दी या शाम के समय पानी दें ताकि नमी लंबे समय तक बनी रहे। दोपहर में पानी देने से बचें। गमलों की मिट्टी में जैविक खाद और मल्चिंग का उपयोग करें, जिससे मिट्टी की नमी बनी रहती है। जरूरत पड़ने पर नाजुक पौधों को ग्रीन नेट या छायादार स्थान पर रखें। समय-समय पर सूखी पत्तियां हटाते रहें, ताकि पौधे स्वस्थ और हरे-भरे बने रहें।
घर में रखे गमले। संवाद