संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नगर परिषद कार्यालय में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व नहर विभाग के एक्सईएन जयप्रकाश तंवर (डयूटी मजिस्ट्रेट) की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच सुबह 9 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 15 मिनट तक चली। नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स, साफ-सफाई, खराब स्ट्रीट लाइटाें, नालों की सफाई की शिकायतों के निवारण में बड़ी खामियां मिलीं। अमर उजाला ने प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया था।
इस दौरान नगर परिषद कार्यालय में एक्सईएन प्रवीण कुमार राघव हाजिर मिले। एक्सईएन की हाजिरी में कार्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का कार्य दयाचरण एंड कंपनी को टेंडर अलाॅट है।
रिकाॅर्ड के अनुसार कुल 28 टिप्पर टेंपो, 2 जेसीबी मशीन, 5 ट्रैक्टर, 3 डंपर, 11 ई-रिक्शा व 11 हाथ रिक्शा कुल 60 वाहन व 335 सफाई कर्मचारी कूड़ा निपटान के लिए लगे हुए हैं। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम की ओर से रात को व सुबह 7 बजे से लेकर 9 बजे तक सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान शहर में काफी जगह कूड़े के ढेर पाए गए। जहां कोई भी सफाई कर्मी व वाहन कूड़ा उठाते हुए नहीं पाया गया। रात के समय निरीक्षण में पाया गया कि अभय सिंह चौक से पायलट चौक व राजीव चौक से महाराणा प्रताप चौक तक कोई स्ट्रीट लाइट व तिरंगा लाइटें नहीं जल रही थीं। बिजली के पोल पर जगह-जगह नंगे तार पाए गए। इनसे जान जाने की आशंका बनी रहती है।
निरीक्षण के दौरान शहर में स्थित कूड़ा कलेक्शन पॉइंट की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई। जहां काफी बदबू रहती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। विभाग की ओर से कूड़े की बदबू को रोकने के लिए किसी भी पाउडर व केमिकल का छिड़काव किया जाना नहीं पाया गया।
वर्ष 2024 में विभाग की ओर से बंदर पकड़ने के लिए 5,93,209 रुपये व बेसहारा पशु पकड़ने के लिए 26,99,792 रुपये व शौचालयों की सफाई के लिए 70,79,671 रुपये की राशि खर्च की गई है। लेकिन, शहर में बंदरों व बेसहारा पशुओं की संख्या इतनी धन राशि खर्च करने के बावजूद बहुत अधिक है। शहर में स्थित सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था भी बदहाल है, जिसकी जिम्मेदारी मुख्य सेनेटरी निरीक्षक सुधीर कुमार की बनती है।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विभाग की ओर से कोविड के समय श्मशान घाट गुलाबी बाग में बिजली मशीन से दाह संस्कार के लिए जेनरेटर की खरीद की गई थी। विभाग की ओर से यह जेनरेटर श्मशान घाट में न लगाकर कार्यालय नगर परिषद में इस्तेमाल किया जा रहा है।