कोसली। कोसली शहर और आसपास की कॉलोनियों में गंदगी के अंबार संक्रमण रोगों को बुलवा दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्वच्छता अभियान विफल साबित हो रहा है। जबकि कागजों में इसके लिए हर माह लाखों रुपये की राशि खर्च की जा रही है। नाहड़ रोड, सालावास रोड, कोसली रोड नई बस्ती, सैनिक कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी, शिव कॉलोनी और यहां तक की शहर के प्रमुख चौराहे पर भी इस सफाई व्यवस्था बदहाल है।
सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ कूड़ा उठाने के लिए वाहन भी लगा रखे गए हैं, लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा है। शहर में पूर्व में पंचायत की ओर से बनवाए गए शौचालय में पहले तो ताला लगा दिया गया और अब इसे गिरा दिया गया। शहर में शौचालय की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोजाना कई लोग आसपास के गांवों से खरीदारी करने आते हैं, लेकिन शहर में शौचालयों की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
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शहर में शौचालय की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोजाना कई लोग आसपास के गांवों से खरीदारी करने आते हैं।- आनंद कुमार
कोसली शहर और कॉलोनी में पड़ा कूड़ा स्वच्छता अभियान को अंगूठा दिखा रहा है। इससे दुकानदार काफी परेशान हैं। -पवन कुमार
जगह-जगह गंदगी के ढेर से लोगों में रोष है। प्रशासन से सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने की मांग की जा रही है।-राकेश
कूड़ा मार्केट की सबसे बड़ी समस्या है। यहां पर सफाई कर्मचारी साफ सफाई नहीं करते। इससे परेशानी होती है।-खेमचंद शर्मा
वर्जन
समस्या है तो सफाई व्यवस्था को जल्द ठीक करा दिया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।- जयप्रकाश, एसडीएम कोसली