फोटो: 25रेवाड़ी। वृद्धाश्रम का निरीक्षण करते हुए सीजेएम अमित वर्मा। स्रोत: डीपीआरओ
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी अमित वर्मा ने बुधवार को वृद्ध आश्रम रेवाड़ी का निरीक्षण किया। सीजेएम ने निरीक्षण के दौरान वृद्धजनों को मिलने वाले भोजन व अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की तथा उनको और बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी कहा।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने बुजुर्गों का सत्कार व उनकी संभाल करनी चाहिए ताकि बुजुर्गों को जिंदगी के आखिरी पड़ाव में परिवार का सहारा मिल सके। यदि किसी कारणवश वृद्ध आश्रम में बुजुर्ग रहने को मजबूर हैं तो उनकी वहां पर संभाल के लिए भी हम सभी को आगे आना चाहिए।
सचिव अमित वर्मा ने बताया कि बहुत सारी योजनाएं है जो वरिष्ठ नागरिकों को फायदा पहुंचाने के लिए चलाई जा रही हैं तथा वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए एडीआर केंद्र रेवाड़ी आ सकते हैं। अपने बूढ़े मां-बाप का सम्मान और आदर करें, उनकी सेवा करें तथा उनकी कानूनी या अन्य सहायता लेने में मदद करें ताकि वे उनको मिलने वाली मदद से वंचित न रहें।
विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है। लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निशुल्क में कानूनी सहायता दी जाती है।
कोई भी जन कानूनी सहायता के लिए उपमंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है, जिस पर किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी ले सकते हैं।