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एक भी कर्मचारी हटाया तो सर्कल पर लगेगा ताला

Tue, 17 May 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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मांगों के लिए किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा सरकार की ओर से ग्यारह मई को सामूहिक अवकाश पर गए अनुबंध कर्मचारियों को रिप्लेस करने के आदेश के बाद हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के आह्वान पर सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने रोष जताने के बाद एसई इंद्रजीत यादव को दस सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
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धरने के बाद सब-अर्बन कार्यालय से लेकर शक्ति भवन तक कर्मचारियों ने रोष मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। धरने में अनेक कर्मचारी यूनियनों ने भाग लिया। इनमें चंद्रभान यादव, एसकेएस यूनियन से सोहनलाल शर्मा, हुडा यूनियन प्रधान दिनेश, पीडब्यूडी के राज्य सचिव राजेंद्र, मनोज सैनी, नरेश कुमार, मनजीत यादव, अभकय सिंह, शकन चांदना, उमेश कटारिया, धर्मपाल, बिजेंद्र, मदन कुमार, विजयपाल, प्रदीप कुमार, ज्योति यादव, चंद्रभान, हेमलता, मयंक एवं सुमिता सैनी धनराज समेत अनेक कर्मचारी शामिल रहे।

इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि खट्टर सरकार भी अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए निगम का निजीकरण करने में लग गई है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रांतीय प्रधान कंवर सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने यदि एक भी अनुबंध कर्मचारी को हटाया तो सर्कल का ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम पहले से ही कर्मचारियों की कमी की मार झेल रहा है,वहीं सरकार नौकरियों देने की बजाय लोगों से उनका रोजगार हड़पने का काम कर रही है। झज्जर रोड स्थित सब-अर्बन कार्यालय में हुए धरने प्रदर्शन में सोमवार को हजारों कर्मचारी मौजूद थे। धरना प्रदर्शन सर्कल सेक्रेट्री रहीश यादव की अध्यक्षता में किया गया।
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तेइस सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में किया गया था सामूहिक अवकाश
बिजली निगम की कर्मचारी यूनियनें पिछले लंबे समय से प्रदेश के 23 सब स्टेशनों को निजी कंपनी को सौंपने का विरोध कर रही है। निगम के उच्च अधिकारियों द्वारा पूरी प्रक्रिया करने के बाद टेंडर तक कर दिया गया है। प्रांतीय प्रधान कंवर सिंह यादव ने कहा कि कर्मचारी यूनियन की ओर से सरकार को सामूहिक अवकाश का नोटिस दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करनी चाहिए थी,लेकिन सरकार अपनी कमी को छुपाने के लिए कर्मचारियों को हटाने पर अड़ी हुई है। गौरतलब है कि सरकार ने अनुबंध कंपनी को सात दिन के अंदर हड़ताल पर गए अनुबंध कर्मचारियों की जगह दूसरे कर्मचारियों को लगाने के आदेश दिए हुए हैं।

संध्या के 379 अनुबंध कर्मचारियों पर गिरनी है गाज
प्रदेश सरकार ने संध्या नामक एक निजी कंपनी ने मेन पावर सप्लाई का करार किया हुआ है। बिजली निगम में जितने भी कर्मचारी अनुबंध पर लगे हुए हैं, इस कंपनी की ओर से ही उपलब्ध कराए जाते हैं। जिले में भी संध्या कंपनी के 403 कर्मचारी बिजली निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सामुहिक अवकाश के दिन ग्यारह मई को निगम के स्थाई कर्मचारियों के साथ 403 में से 379 अनुबंध कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर थे। सरकार ने इसी रिपोर्ट के आधार पर संध्या कंपनी को इन 379 कर्मचारियों की जगह दूसरी कर्मचारी लगाने के लिए सात दिन का नोटिस दिया हुआ है। सरकार की ओर से कुछ सर्कल में स्थाई कर्मचारियों पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे,लेकिन जिले में 576 स्थाई कर्मचारियों में से किसी पर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

निगम कार्यालयों में काम तो दूर पानी तक को तरसे अधिकारी
जिले के सभी स्थाई एवं अनुबंध कर्मचारियों द्वारा धरना दिए जाने के चलते निगम कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। यहां पर काम कराने के लिए आए लोग कर्मचारियों को ढूंढते घूम रहे थे,लेकिन कर्मचारियों के यहां नहीं होने के कारण उन्हें निराश ही होकर लोटना पड़ा। आलम यह था कि एसई इंद्रजीत यादव के यहां पर पिओन के हड़ताल में शामिल होने के कारण पानी तक के लाले पड़ रहे थे।
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वर्जन-
सरकार की ओर से कंपनी को नोटिस दिया गया है। हमारे पास अभी तक कंपनी की ओर से किसी कर्मचारी को रिप्लेस करने का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
इंद्रजीत यादव, एसई, रेवाड़ी।
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