रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने बुधवार को रेवाड़ी के सेफ हाउस तथा बालगृह ‘आस्था कुंज’ का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यहां रह रहे बच्चों और पुलिस सुरक्षा में रह रहे युवक-युवतियों को भोजन, पेयजल, ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिलनी चाहिए।
सीजेएम ने सेफ हाउस में आश्रय लेकर रह रहे नवविवाहित युगल को उनके विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 21 वर्ष का युवक व 18 साल की युवती को अपनी मर्जी से विवाह करने का अधिकार है।
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इसका कोई विरोध होता है तो कोर्ट के माध्यम से वे पुलिस सुरक्षा का सहारा ले सकते हैं। डीएलएसए सचिव ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें मिलने वाली सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्था की जानकारी ली। डीएलएसए सचिव व सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की पालना की जाए।
उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों व युवाओं को कानूनी सहायता सेवा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने संस्था को आवश्यक सुधारों और बाल संरक्षण को सशक्त बनाने के सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाएं हेल्पलाइन नंबर 15100 पर बातचीत कर ली जा सकती है।