रेवाड़ी। मिशन लाइफ के तहत जिले में ई-वेस्ट अवेयरनेस कैंपेन एंड कलेक्शन ड्राइव शुरू की जाएगी। इसके तहत स्कूलों को ई-कचरा संग्रहण केंद्र तैयार किए जाएंगे जहां विद्यार्थी अपने अभिभावकों की सहमति से घर में पड़े पुराने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, केबल, कैलकुलेटर और कीबोर्ड आदि जमा कर सकेंगे।
अभियान के पहले चरण में 30 सितंबर तक स्कूलों में अलग ई-वेस्ट कलेक्शन कॉर्नर बनाए जाएंगे। इसके बाद 1 से 31 अक्तूबर तक कलेक्शन ड्राइव चलेगी। विद्यार्थियों को घरों में लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान की पहचान करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
पुराने मोबाइल, चार्जर, केबल, कैलकुलेटर, कीबोर्ड समेत अन्य ई-कचरे को स्कूल के निर्धारित कलेक्शन पॉइंट पर जमा कराया जा सकेगा। स्कूलों में एकत्र ई-कचरे को सामान्य कूड़े के साथ नहीं मिलाया जाएगा। इसे अधिकृत रिसाइक्लर या प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि इसका सुरक्षित तरीके से निस्तारण और रिसाइक्लिंग हो सके।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। बच्चों को किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को खोलने, तोड़ने या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं होगी। क्षतिग्रस्त लिथियम-आयन बैटरी, लीक हो रही सेल और टूटे सीआरटी जैसे संभावित खतरनाक ई-कचरे को बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाएगा।
ई-वेस्ट से बनाई जाएंगी कलाकृतियां
अभियान के तहत स्कूलों में पोस्टर मेकिंग, ई-वेस्ट से आर्ट इंस्टॉलेशन और निबंध लेखन जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। विद्यार्थियों को ई-कचरा एकत्र करने और जागरूकता फैलाने से जोड़ा जाएगा, जबकि उन्हें ई-वेस्ट की प्रोसेसिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।
वर्जन :
अभियान के दौरान जमा हुए ई-कचरे की मात्रा, इसमें शामिल विद्यार्थियों और आयोजित गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसकी जानकारी मिशन लाइफ के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगी। अभियान का उद्देश्य अधिक मात्रा में कबाड़ जमा करना नहीं, बल्कि परिवारों को ई-कचरे को सामान्य कूड़े से अलग रखने और अधिकृत रिसाइक्लिंग चैनल तक पहुंचाने के लिए जागरूक करना है।-दुष्यंत सिंह बीईओ, रेवाड़ी