रेवाड़ी। गुजरात के जामनगर में जगुआर विमान क्रैश होने की घटना में रेवाड़ी के गांव माजरा भाखली निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के शहीद होने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक जताया है। उन्होंने शहीद सिद्धार्थ को नमन किया है।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव माजरा भालखी में पहुंचा। गांव में सैन्य सम्मान के साथ सिद्धार्थ यादव की अंत्येष्टि की गई। पिता सुशील यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान मां सुशीला यादव ने रोते हुए कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। मैं देश की हर मां से कहना चाहती हूं कि वे अपने बेटों को देश सेवा के लिए सेना में भेजें। मुझे सिद्धार्थ की मां होने पर गर्व है, वह देश के लिए डरा नहीं। सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी। अंतिम संस्कार के मौके पर उनकी मंगेतर भी श्मशान घाट पर पहुंचीं। इस दौरान वह सिद्धार्थ के पार्थिव देह को देख बिलखती रहीं। वह रोते हुए बार-बार कह रही थीं कि प्लीज एक बार मुझे उनका चेहरा दिखा दो। सिद्धार्थ की शादी 2 नवंबर को होनी थी, जिसके लिए घर में तैयारी चल रही थी।
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फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की शहादत पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक जताया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा है कि भारत मां के महान सपूत के बलिदान पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि देश के ऊपर सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे वीर सपूत को मेरा नमन है। पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल और बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का जगुआर विमान गुजरात के जामनगर में प्रैक्टिस मिशन के दौरान उड़ान भरने के बाद सिटी से करीब 12 किलोमीटर दूर सुवरदा गांव के पास क्रैश हो गया था। जहाज में सिद्धार्थ के साथ मनोज कुमार भी थे जिन्हें सिद्धार्थ ने पहले ही बाहर कर दिया और खुद आबादी से दूर जहाज को ले गए और विमान क्रैश हो गया और सिद्धार्थ वीर गति को प्राप्त हुए। सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव ने कहा कि उनको अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।