संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निकायों को पानी का छिड़काव करने के लिए पत्र लिखा है। किस रूट पर छिड़काव किया जा रहा है उसका भी प्लान मांगा है। प्रदूषण को देखते हुए कूड़ा जलाने वाले 56 लोगों के चालान कर उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। 42 कंस्ट्रक्शन साइट पर काम रोका गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निकायों से कहा है कि जहां पर कूड़ा डंप करना रोका जाए ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके। वहीं, अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नगर आयुक्त अनुपमा अंजलि ने बताया कि ग्रैप की पाबंदियों का पालन कराने के लिए शहरी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया है। दो स्प्रिंकलर वाहनों के साथ निरंतर व्यस्त मार्गों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त रोड स्वीपिंग मशीन से सड़कों की धूल को साफ किया जा रहा है। कूड़ा जलाने वाले लोगों के 56 चालान किए गए हैं और उन पर 50 हजार के लगभग जुर्माना किया गया है। 42 कंस्ट्रक्शन साइट पर काम को रोका गया है। मंगलवार से होटल ढाबों पर लकड़ी व कोयला जलाने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। डीसी ने आमजन से अपील की है कि वह खुले में कचरा ना जलाएं, खुले में कचरा जलाने पर 5 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है। वहीं, रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें जांच में जुटी हैं। सोमवार को एक्यूआई 447 दर्ज किए जाने के बाद ग्रैप 4 की पाबंदियां लागू की गई हैं।
प्रदूषण को लेकर डीसी ने की अधिकारियों संग बैठक
वायु गुणवत्ता के स्तर को देखते हुए जिले में विभिन्न प्रकार की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन पाबंदियों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त अभिषेक मीणा ने सोमवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक की और उन्हें सख्त हिदायत दी कि वह ग्रैप नियमों का उल्लंगन करने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इन पर लगी है पाबंदी:
जिले में कंस्ट्रक्शन एवं डेमोलिशन से संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों के अलावा बोरिंग, ड्रिलिंग, मिट्टी खुदाई और भराई, ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना, ईंट व चिनाई के कार्य, पेंटिंग, पॉलिशिंग और वार्निशिंग कार्य, टाइल्स, पत्थरों और अन्य फ़्लोरिंग सामग्री की कटिंग, सडक़ निर्माण गतिविधियां और मरम्मत, परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर ईंटें, रेत, कंकड़, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग व अनलोडिंग, कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी है।