फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें केंद्र सरकार ः डॉ. माधव

विज्ञापन
खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलन करते किसान। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को 190 वें दिन भी जारी रहा। बढ़ती गर्मी के साथ ही धरनास्थल पर दोपहर की बजाय शाम को किसानों की संख्या दिखाई देने लगी है। धरनास्थल पर युवा किसानों की समूह चर्चा का सिलसिला भी शुरू किया गया है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को मानकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए।
विज्ञापन

बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों से यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। हाईवे बंद होने से आसपास के संपर्क सड़कों से निकलने वाले मालवाहक वाहनों के कारण सड़कों की जर्जर हालत हो गई है।
मंगलवार को राजस्थान के किसान नेता राजाराम मील व डॉ. संजय माधव ने कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण धरतीपुत्र की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है। लेकिन सरकार अपनी झूठी शाम के कारण इस समस्या को सुलझाने के लिए किसानों से बातचीत शुरू नहीं कर रही है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन किसानों के हौसले कम नहीं होंगे। कड़ाके की ठंड हो या फिर झुलसाने वाली गर्मी किसान, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिद व झूठी शान के कारण तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है। लेकिन अब देश का किसान केंद्र सरकार की असलियत को जान चुका है। ये तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवाए रद्द कर देना चाहिए। देश का किसान मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। यही कारण है कि देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है। लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, ईश्वर महलावत, अमराराम, रणजीत सिंह राजू व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें