रेवाड़ी। बीते डेढ़ माह में 7-10 दिन का इंतजार करते हुए दूसरे जिलों में जाकर टीका लगवाने को मजबूर 18 से अधिक आयु श्रेणी के युवाओं को योग दिवस पर राहत के अगले ही दिन फिर से स्वास्थ्य केंद्रों पर भटकना पड़ा। इतना ही नहीं टीकाकरण के नाम पर युवा अधिकारियों के दुर्व्यवहार का सामना करते भी देखे गए। युवाओं का कहना है कि मेगा कैंप के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ने वाहवाही तो बटोर ली, लेकिन अगले दिन एक बार फिर से भटकने के लिए छोड़ दिया।
बता दें कि जिले में 18 से अधिक आयु श्रेणी के करीब 5 लाख युवा हैं। डेढ़ माह के दौरान जहां करीब 60 लोगों को टीका लग पाया था, वहीं सोमवार को एक दिन में 22535 युवाओं को टीका लगाया गया। हालांकि इस दिन भी लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। वहीं बहुत से ऐसे भी लोग हैं, जिनका सोमवार को भी नंबर नहीं आया। मंगलवार को वे स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचते तो उन्हें अधिकारियों की बेरुखी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर महज 1903 लोगों का ही टीकाकरण हो पाया।
मंगलवार तक टीकाकरण का ब्योरा
सोमवार को 18 के अधिक के अलावा 45 से अधिक में 1907, 60 आयु वर्ग में 527 सहित कुल 24971 लोगों ने पहली डोज ली। वहीं 499 लोगों को दूसरी डोज दी गई। जिले में अब तक 9783 स्वास्थ्यकर्मी, 10805 फ्रंटलाइन वर्कर, 18 से अधिक आयु में 89706, 45 आयु वर्ग में 88036, 60 से अधिक आयु में 95064 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिले में अब तक कुल 295297 लोगों को टीके जा चुके हैं।
लोगों की परेशानी उन्हीं की जुबानी
शहर की राजीव नगर पीएचसी में गए तो मना कर दिया गया। इसके बाद नागरिक अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन वहां पर कर्मचारी व अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया। 18 प्लस में दूसरी डोज लगवानी थी। नोडल अधिकारी ने कहा कि पहले 10 लोग एकत्रित हो जाओ। 10 लोग एकत्रित किए गए तो कर्मचारियों ने समय का हवाला देकर डोज लगाने से मना कर दिया। जबकि कुछ लोग बिना पंजीकरण के सीधे टीका लगवाने पहुंच रहे थे। स्वास्थ्यकर्मियों के जानकारों को बगैर पंजीकरण टीके लगाए जा रहे हैं।
-गोपाल, शहरवासी।
18 प्लस की श्रेणी में कोवैक्सीन की दूसरी डोल लगवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन वहां पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। कुछ देर बाद एक डॉक्टर आए और उन्होंने कहा कि 10 लोग एकत्रित हो जाओ, लेकिन उनके जाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगाने से ही मना कर दिया। 21 जून को भी नंबर नहीं आया था, बीते चार दिन से स्वास्थ्य केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं आ रहा है। कुछ लोग नागरिक अस्पताल में सीधे आते हैं और टीका लगवाने के बाद चले जाते हैं। जानकारी वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
-जतिन, शहरवासी।
पत्नी के साथ कोविड की दूसरी डोज लगवाने के लिए आया था। पहली डोज कोवैक्सीन की ली थी, ऐसे में दूसरी डोज भी इस दवा की लगनी थी। काफी समय बैठने के बाद भी नंबर नहीं आया। कई बार नागरिक अस्पताल में आ चुके हैं, लेकिन लौटना पड़ता है। कुछ लोगों को डॉक्टर ही अपने साथ लेकर आते हैं और टीका लगवाकर चले जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, आम आदमी का भी नंबर आना चाहिए। मंगलवार को भी अधिकारियों की बेरुखी का शिकार होना पड़ा।
-मदनलाल, बुजुर्ग।
सरकार की ओर से टीकाकरण के लिए भाषण दिए जाते हैं। लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने पर कर्मचारी व अधिकारी टीका लगाने के नाम पर एहसान करते हुए दिखाई देते हैं। कई दिनों से चक्कर काटने के बाद भी टीका नहीं लगाया जा रहा है। मंगलवार को 10 लोग एकत्रित करने के लिए कहा। बाद में स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगाने से मना कर दिया। नागरिक अस्पताल में टीकाकरण लगाने के नाम पर भी भेदभाव हो रहा है।
- प्रवीण, शहरवासी।
सिविल सर्जन रेवाड़ी डॉ. केके ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी लोगों को डोज लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को भी करीब 25 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया है। लोगों से अपील है कि स्वास्थ्यकर्मियों को सहयोग करें। जानकारों को टीका पहले लगाने की जांच कराई जाएगी।